सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत छात्रों और युवाओं की आवाज को दबा नहीं सकती।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया, बोले- “कोई ताकत छात्रों की आवाज नहीं दबा सकती” को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि अहिंसक भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना गलत है। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन सवालों को उठाने से किसी को रोका नहीं जा सकता।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं।
उन्होंने लिखा कि:
“कोई भी ताकत भारत के छात्रों को और उन लोगों को जो उनसे प्यार करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
अस्पताल में क्यों कराया गया भर्ती?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह और अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। डॉक्टरों ने शरीर में कमजोरी और अन्य संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए तत्काल चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता बताई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
