मसूद अजहर पर पाकिस्तान का बड़ा ऐलान, भारत ने उठाए सवाल! 🇮🇳🇵🇰 जानिए 70 लाख के इनाम को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा।

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के एक फैसले पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी नई ‘रेड बुक’ में मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके सिर पर इनाम की रकम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। पाकिस्तान के इस कदम पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सवाल उठाए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह की घोषणाएं पहले भी की जाती रही हैं और केवल कागजी कार्रवाई से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई साबित नहीं होती।
भारत ने पाकिस्तान के कदम पर क्या कहा ….?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से इस तरह के प्रयास कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ऐसी घोषणाएं करने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ ऐसी ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, जिसके वास्तविक परिणाम दिखाई दें। भारत का कहना है कि सिर्फ किसी आतंकी का नाम वांछित सूची में शामिल करना या उसके ऊपर इनाम घोषित करना पर्याप्त नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम के लिए जांच, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है।
मसूद अजहर पर 70 लाख रुपये का इनाम…..
पाकिस्तान की FIA की नई रेड बुक में मसूद अजहर को भगोड़ा बताया गया है। इसके साथ ही उसके बारे में सूचना देने वाले के लिए इनाम की रकम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किए जाने की बात सामने आई है। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है और भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाता रहा है।
पाकिस्तान पर दोहरे रवैये का आरोप…..
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान वर्ष 2021 से यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर देश में मौजूद नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। उस समय भी उसके ऊपर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, भारतीय खुफिया एजेंसियों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही छिपा हुआ है। उसके मौजूदा ठिकाने को लेकर सार्वजनिक तौर पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
FATF की बैठक से पहले क्यों अहम है यह फैसला…..?
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने के फैसले को FATF की आगामी बैठक के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से आतंकी संगठनों और उनके सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई दिखाने की कोशिश को अंतरराष्ट्रीय निगरानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी देश की FATF स्थिति का आकलन सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ की गई घोषणा से तय नहीं होता, बल्कि व्यापक कार्रवाई और अनुपालन को देखा जाता है।
सिर्फ इनाम घोषित करना कितना प्रभावी…..?
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का असर तभी दिखाई देता है जब किसी आरोपी या आतंकी के खिलाफ जांच आगे बढ़े, उसे गिरफ्तार किया जाए और कानून के तहत कार्रवाई हो। यही वजह है कि मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने के पाकिस्तान के फैसले को लेकर भारत ने सिर्फ घोषणा के बजाय ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है।
भारत-पाकिस्तान के बीच फिर बढ़ी बयानबाजी…..
मसूद अजहर को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से अब उसे भगोड़ा घोषित करने और इनाम बढ़ाने का कदम सामने आया है, जबकि भारत इस तरह की घोषणाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहा है। आगे यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई होती है या वास्तव में कोई जांच और कानूनी कार्रवाई भी सामने आती है।
