Gen-Z का नेता कौन—मोदी या राहुल? 🇮🇳 युवाओं ने दिया ऐसा जवाब, जिसने राजनीतिक बहस को और दिलचस्प बना दिया।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z आंदोलन के बाद देश में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर युवाओं के बीच सबसे ज्यादा प्रभाव किस नेता का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी यह सवाल लगातार उठ रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ में आंदोलन कर रहे Gen-Z युवाओं से जब उनकी पसंद और राय जानने की कोशिश की गई, तो जवाब काफी दिलचस्प सामने आए।
युवाओं को किसी नेता से पूरी उम्मीद नहीं…..
छत्तीसगढ़ में आंदोलन कर रहे कई युवाओं का कहना है कि उन्हें फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल या नेता से पूरी उम्मीद नहीं है। युवाओं के मुताबिक, चुनाव और राजनीति के दौरान उनके मुद्दों पर बड़ी-बड़ी बातें जरूर होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं देता। यानी Gen-Z के एक हिस्से में नेताओं को लेकर उत्साह के बजाय निराशा का भाव दिखाई दे रहा है। युवा किसी एक नेता के पक्ष में पूरी तरह खड़े होने के बजाय अपने मुद्दों और भविष्य को ज्यादा महत्व देते नजर आए।
राहुल गांधी को लेकर कुछ युवाओं में उम्मीद…..
कुछ युवाओं ने राहुल गांधी को लेकर सकारात्मक राय भी जाहिर की। उनका मानना है कि राहुल गांधी जिस तरह युवाओं के बीच जाकर उनसे संवाद कर रहे हैं, उससे उनके बीच कुछ उम्मीद जरूर बनी है। इसका मतलब यह नहीं है कि छत्तीसगढ़ के सभी युवा राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं। बातचीत में यह भी सामने आया कि अभी युवा किसी भी राजनीतिक नेता को बिना शर्त अपना समर्थन देने के मूड में नहीं हैं।
कांग्रेस ने राहुल गांधी को बताया Gen-Z की आवाज…..
Gen-Z के बीच राहुल गांधी की लोकप्रियता को लेकर कांग्रेस की ओर से भी दावा किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव सद्दाम सोलंकी ने राहुल गांधी को युवाओं के साथ जोड़ते हुए कहा कि आज की Gen-Z उनके साथ है। वहीं, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर भी कांग्रेस के युवा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी और इसे हास्यास्पद बताया।
बीजेपी का दावा- PM मोदी हैं युवाओं की आवाज…..
दूसरी तरफ बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को Gen-Z का बड़ा पैरोकार बता रही है। छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी हेमंत पनिग्राही के मुताबिक, देश के युवाओं की आवाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। बीजेपी की ओर से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा गया कि उन्होंने युवाओं के लिए ऐसा कोई बड़ा काम नहीं किया है, जिसके आधार पर उन्हें युवाओं का नेता माना जाए।
असली जवाब युवाओं के रुख में छिपा है…..
छत्तीसगढ़ में सामने आई प्रतिक्रियाओं से फिलहाल यह साफ नहीं होता कि Gen-Z का झुकाव पूरी तरह नरेंद्र मोदी या राहुल गांधी में से किसी एक की तरफ है। एक वर्ग राहुल गांधी के साथ उम्मीद देख रहा है, तो बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी को युवाओं की आवाज बता रही है। लेकिन कई युवाओं का कहना है कि वे किसी नेता या पार्टी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में Gen-Z के बीच नेतृत्व की यह बहस सिर्फ मोदी बनाम राहुल तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि रोजगार, शिक्षा, अवसर और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दे भी उनके लिए अहम हैं।
