छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का सवाल है।
सरकार पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर अब तक माफी तक नहीं मांगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब देशभर के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, तब सरकार की ओर से संवेदनशील प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी मांगों पर खुलकर जवाब देना चाहिए।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल
NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को घेर रहा है. हालांकि, सरकार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया या माफी नहीं आई, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में निराशा है। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। वहीं, विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग कर रहा है।
इस सिलसिले में 20 जुलाई को जंतर-मंतर से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने संसद की तरफ कूच कर दिया था. जहां पर उनपर सुरक्षाकर्मियों ने ताबतोड़ लाठियां चलाई, जिसमें सैकड़ों छात्र घायल हो गए.
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनका दावा है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इसे सुधारने की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं की बात सुने और उनके सवालों का जवाब दे।
