
मुंबई, 22 अक्टूबर (आचारण न्यूज़)।
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर लकी अली एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह इस बार उनका विवादित बयान है, जिसमें उन्होंने दिग्गज गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को “बहुत खराब इंसान” कहा है। जैसे ही यह बयान सोशल मीडिया पर आया, इंटरनेट पर बहस छिड़ गई और लोग दो हिस्सों में बंट गए — कुछ लकी अली के समर्थन में तो कुछ जावेद अख्तर के पक्ष में उतर आए।
दरअसल, हाल ही में जावेद अख्तर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह देश के हिंदू समुदाय से अपील करते नज़र आ रहे हैं कि वे “मुसलमानों जैसे न बनें, बल्कि उन्हें अपने जैसा बनाएं।” उन्होंने इस दौरान 1975 की सुपरहिट फिल्म शोले का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस दौर में धर्म के प्रति समाज ज्यादा सहिष्णु और उदार था।
जावेद अख्तर ने कहा, “उस समय धर्मेंद्र और हेमा मालिनी वाला सीन सबको मनोरंजक लगता था, लेकिन आज अगर वैसा सीन बनाया जाए, तो उसे धार्मिक अपमान कहा जाएगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि “1975 में भी धार्मिक लोग थे, लेकिन तब समाज इतना संवेदनशील नहीं था। अब लोग मुसलमानों की तरह कठोर होते जा रहे हैं।”
उनके इस बयान पर पहले ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही थी कि तभी लकी अली ने एक्स (Twitter) पर रिप्लाई करते हुए लिखा —
“जावेद अख्तर जैसे मत बनो, वो कभी भी ऑरिजिनल नहीं थे। वो बहुत ही खराब इंसान हैं।”
लकी अली की इस टिप्पणी के बाद विवाद और तेज़ हो गया। कुछ यूज़र्स ने सिंगर की “बेबाकी” की तारीफ की, जबकि कई लोगों ने इसे “अनुचित और निजी हमला” बताया।
कुछ ही घंटों में #LuckyAli और #JavedAkhtar ट्रेंड करने लगे।
जावेद अख्तर अक्सर अपने बेबाक बयानों के कारण विवादों में रहे हैं। खुद को नास्तिक बताने वाले अख्तर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर राय देते हैं। दूसरी ओर, लकी अली, जो अपनी सूफियाना गायकी और सादगी के लिए पहचाने जाते हैं, आम तौर पर विवादों से दूरी बनाए रखते हैं — इसलिए उनका यह बयान सभी को चौंका गया।
फिलहाल, जावेद अख्तर की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही बहस अब “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” और “सहनशीलता” को लेकर एक नई चर्चा को जन्म दे रही है।
