ITR में TCS क्लेम करना भूल गए? घबराएं नहीं! जानिए कैसे मिल सकता है छूटा हुआ टैक्स क्रेडिट और रिफंड का फायदा।

ITR दाखिल करते समय TCS का क्रेडिट छूट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। Form 26AS में TCS दर्ज होने पर तय प्रक्रिया के जरिए इसका क्रेडिट लिया जा सकता है।
Acharan News | Business Desk
इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करते समय कई बार टैक्स से जुड़ी कोई जानकारी छूट जाती है। इनमें TCS यानी Tax Collected at Source का क्रेडिट भी शामिल हो सकता है। अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो सिर्फ TCS क्लेम करना भूल जाने से आपका पैसा खत्म नहीं हो जाता। अगर आपके नाम पर TCS जमा हुआ है और उसकी जानकारी Form 26AS में दिखाई दे रही है, तो संबंधित प्रक्रिया के जरिए इसका टैक्स क्रेडिट लिया जा सकता है। हालांकि, आगे की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि आपका ITR अभी प्रोसेस हुआ है या नहीं।
सबसे पहले Form 26AS और AIS चेक करें…..
TCS का क्रेडिट छूटने का पता चलने पर सबसे पहले अपने Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) की जांच करें। यहां यह देखना जरूरी है कि संबंधित TCS आपके PAN के नाम पर सही तरीके से दर्ज है या नहीं। इसके बाद ITR में पहले से दर्ज TDS/TCS क्रेडिट की जानकारी से इसका मिलान करें। अगर Form 26AS में TCS दिखाई दे रही है लेकिन ITR में उसका क्रेडिट नहीं लिया गया है, तो आगे सुधार की जरूरत हो सकती है।
ITR अभी प्रोसेस नहीं हुआ है तो क्या करें…..?
अगर ITR दाखिल हो चुका है लेकिन अभी Section 143(1) की इंटिमेशन नहीं आई है, तो उपलब्ध नियमों के अनुसार Revised Return के जरिए छूटी हुई TCS जानकारी को शामिल किया जा सकता है। रिवाइज्ड रिटर्न में सही TCS राशि दर्ज करने के बाद उसे दोबारा e-Verify करना जरूरी है। सिर्फ रिटर्न दाखिल करना पर्याप्त नहीं है।
Revised ITR में TCS जोड़ते समय रखें इन बातों का ध्यान :-
- Form 26AS में दिखाई गई TCS राशि की जांच करें।
- TCS की सही रकम ही ITR में दर्ज करें।
- संबंधित ट्रांजेक्शन की जानकारी सही भरें।
- Form 26AS में उपलब्ध क्रेडिट से अधिक राशि क्लेम न करें।
- Revised Return दाखिल करने के बाद e-Verification जरूर पूरा करें।
ITR प्रोसेस होने के बाद क्या करें…..?
अगर आपका ITR पहले ही प्रोसेस हो चुका है और TCS का क्रेडिट छूट गया है, तो स्थिति के अनुसार Rectification जैसे विकल्प की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे मामले में पहले यह जांचना जरूरी है कि Form 26AS/AIS में TCS उपलब्ध है और टैक्स क्रेडिट में वास्तव में कोई कमी या mismatch है। यानी सिर्फ रिफंड पाने के लिए कोई अतिरिक्त या अनुमानित राशि क्लेम नहीं करनी चाहिए। दावा हमेशा उपलब्ध टैक्स रिकॉर्ड के आधार पर ही होना चाहिए।
TCS क्रेडिट मिस होने से पैसा खत्म नहीं होता…..
TCS का क्रेडिट ITR में छूट जाने का मतलब यह नहीं है कि जमा किया गया टैक्स अपने आप खत्म हो गया। लेकिन टैक्स रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी और ITR में किए गए दावे का सही मिलान होना जरूरी है। इसलिए ITR दाखिल करने के बाद Form 26AS, AIS और TIS को जरूर चेक करें। अगर किसी तरह का mismatch नजर आता है, तो उसे समय रहते ठीक कराने की कोशिश करें।
ITR से पहले और बाद में ये चेक जरूर करें…..
ITR दाखिल करने से पहले:–
- Form 26AS में TDS/TCS चेक करें।
- AIS और TIS की जानकारी देखें।
- ITR में दर्ज टैक्स क्रेडिट से रिकॉर्ड का मिलान करें।
ITR दाखिल करने के बाद:–
- ITR की प्रोसेसिंग स्थिति देखें।
- टैक्स क्रेडिट में किसी mismatch को नजरअंदाज न करें।
- जरूरत पड़ने पर Revised Return या Rectification का विकल्प देखें।
- किसी भी संशोधित रिटर्न को e-Verify करना न भूलें।
