
नई दिल्ली, 27 मार्च। व्यस्त दिनचर्या में अगर रोज थोड़ा समय योग के लिए निकाला जाए, तो शरीर और मन दोनों को कई फायदे मिलते हैं। ऐसा ही एक सरल और प्रभावी योगासन है जानुशीर्षासन, जो तनाव कम करने के साथ शरीर को लचीला बनाने में मदद करता है।
क्या है जानुशीर्षासन?
जानुशीर्षासन को अंग्रेजी में ‘हेड-टू-नी पोज’ कहा जाता है। इस आसन में एक पैर को मोड़कर घुटने के पास रखा जाता है और दूसरे पैर को सीधा फैलाया जाता है। इसके बाद शरीर को आगे की ओर झुकाते हुए सिर को घुटने की तरफ लाने की कोशिश की जाती है।
यह आसन देखने में आसान लगता है, लेकिन इसका प्रभाव शरीर के कई हिस्सों पर पड़ता है।
आयुष मंत्रालय ने भी बताया फायदेमंद
आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह बैठकर किया जाने वाला योगासन है जो शरीर को लचीला बनाने, रीढ़ और हैमस्ट्रिंग में खिंचाव लाने, पाचन सुधारने और तनाव कम करने में मदद करता है।
इसके अलावा यह लीवर और किडनी को सक्रिय करता है, मानसिक शांति देता है और पीठ दर्द में भी राहत पहुंचाता है।
पाचन तंत्र को करता है मजबूत
जानुशीर्षासन करने से पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
यह आसन महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में भी लाभ पहुंचा सकता है।
शरीर का लचीलापन बढ़ाता है
यह योगासन पीठ की मांसपेशियों, हैमस्ट्रिंग और कूल्हों को खींचता है, जिससे इन हिस्सों की जकड़न दूर होती है।
नियमित अभ्यास से कमर दर्द में राहत मिलती है और रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।
तनाव और चिंता कम करने में मददगार
इस आसन में सिर नीचे की ओर झुकता है, जिससे दिमाग में रक्त प्रवाह बढ़ता है। इससे तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम करने में मदद मिलती है।
नियमित अभ्यास से मन शांत और एकाग्र रहता है, साथ ही नींद भी बेहतर आती है।
सावधानी भी जरूरी
योग की शुरुआत हमेशा किसी योग विशेषज्ञ की सलाह से करनी चाहिए।
अगर हाल ही में आपकी सर्जरी हुई है या आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इस आसन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
