
गुवाहाटी, 27 मार्च। असम विधानसभा चुनाव से पहले एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के समर्थन में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी चुनाव प्रचार करने वाले हैं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने शुक्रवार को बताया कि ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को असम का दौरा करेंगे और इस दौरान वे अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में कम से कम आठ जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
अजमल के समर्थन में होगा प्रचार
इस चुनावी अभियान का मुख्य उद्देश्य बिन्नाकंडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे बदरुद्दीन अजमल के लिए समर्थन जुटाना है।
ओवैसी की भागीदारी से खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में चुनाव प्रचार को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जहां एआईयूडीएफ का पारंपरिक प्रभाव रहा है।
भाजपा और कांग्रेस पर साध सकते हैं निशाना
माना जा रहा है कि अपनी जनसभाओं के दौरान ओवैसी भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साध सकते हैं, ताकि एआईयूडीएफ को एक मजबूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में पेश किया जा सके।
असम की राजनीति में अजमल की चुनौती
असम की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे बदरुद्दीन अजमल बदलते राजनीतिक माहौल में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
एआईयूडीएफ अपने पारंपरिक समर्थक आधार पर भरोसा करते हुए चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
पिछले चुनावों में प्रदर्शन
2016 के असम विधानसभा चुनाव में एआईयूडीएफ ने 13 सीटें जीतकर खुद को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया था।
वहीं 2021 के चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘महाजोत’ गठबंधन के साथ मिलकर पार्टी की सीटें बढ़कर 16 हो गईं, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर सत्ता बरकरार रखी।
हालांकि चुनाव के बाद कांग्रेस ने एआईयूडीएफ से गठबंधन तोड़ दिया और 2024 के लोकसभा चुनाव दोनों दलों ने अलग-अलग लड़े, जिसमें एआईयूडीएफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
9 अप्रैल को होगा मतदान
126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ओवैसी का चुनाव प्रचार कुछ सीटों पर मतदाताओं के रुझान को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसका अंतिम असर चुनाव परिणामों में कितना दिखेगा, यह देखना बाकी है।
