
तेहरान, 31 मार्च।
ईरान में पिछले 30 दिनों से अधिक समय से इंटरनेट सेवाएं ठप हैं। इस भीषण डिजिटल ब्लैकआउट के बीच, ईरानी लोग हवाई हमलों और महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट को ट्रैक करने के लिए वैकल्पिक मैसेजिंग और विशेष ऐप्स का सहारा ले रहे हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन (CNN) के अनुसार, लोग जानकारी साझा करने के लिए टेलीग्राम का उपयोग कर रहे हैं, जबकि एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक ‘महसा अलर्ट’ (Mahsa Alert) ऐप हवाई हमलों की जानकारी के लिए एक प्रमुख जरिया बनकर उभरा है।
टेलीग्राम और क्राउडसोर्स्ड वॉर्निंग सिस्टम
ईरान में हजारों लोग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के जरिए यह साझा कर रहे हैं कि एयरस्ट्राइक कहां हुई, किन इलाकों में बिजली गुल है और कितना नुकसान हुआ है। आधिकारिक चेतावनी प्रणाली (Official Warning System) के अभाव में, नागरिकों ने खुद का क्राउडसोर्स्ड एयर अटैक वॉर्निंग सिस्टम तैयार कर लिया है।
क्या है ‘महसा अलर्ट’ प्लेटफॉर्म?
इंडोनेशियाई डिजिटल मीडिया पोर्टल VOI के अनुसार, जब सैन्य हमलों की चेतावनी देने के लिए कोई सरकारी तंत्र मौजूद नहीं था, तब ‘महसा अलर्ट’ एक इमरजेंसी सॉल्यूशन के रूप में सामने आया।
- विकास: इसे ईरान के डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने तैयार किया है।
- कार्यप्रणाली: यह ऐप जनता से मिली जानकारी, सोशल मीडिया डेटा और मैनुअल वेरिफिकेशन पर आधारित है। यह हमलों और सैन्य गतिविधियों के स्थानों को मैप करता है।
- लो डेटा यूसेज: अनस्टेबल इंटरनेट को देखते हुए हर अपडेट को औसतन केवल 100KB का रखा गया है, ताकि सीमित कनेक्शन में भी यूजर्स तक जानकारी पहुंच सके।
कड़ा वेरिफिकेशन और अतिरिक्त फीचर्स
सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए महसा अलर्ट की टीम डेटा दिखाने से पहले उसका गहन सत्यापन करती है। हमलावर स्थानों की पुष्टि सोशल मीडिया वीडियो या इमेज-बेस्ड जांच के जरिए की जाती है। इस ऐप में केवल हमलों की जानकारी ही नहीं, बल्कि मेडिकल सुविधा पॉइंट्स, सीसीटीवी कैमरे और संदिग्ध चेकपॉइंट्स का डेटा भी शामिल है।
9 करोड़ नागरिक डिजिटल दुनिया से कटे
इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के अनुसार, ईरान में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के मात्र 1 प्रतिशत तक रह गया है।
- कारण: यह ब्लैकआउट 28 फरवरी, 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ।
- असर: यह देश के इतिहास का सबसे लंबा डिजिटल शटडाउन है, जिससे लगभग 9 करोड़ नागरिक वैश्विक समुदाय से पूरी तरह कट गए हैं।
गंभीर राष्ट्रीय संकट के इस दौर में, ‘महसा अलर्ट’ जैसे तकनीकी नवाचार ही ईरानी नागरिकों के लिए सुरक्षा और सूचना का एकमात्र जरिया बने हुए हैं।
