पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने युवा बल्लेबाज शुभमन गिल की तारीफ करते हुए कहा है कि गावस्कर ने शुभमन गिल की तुलना तीन कप्तानों से की, जिन्होंने इंग्लैंड में भारतीय टीम को ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलाई थी। ये कप्तान हैं – अजीत वाडेकर, कपिल देव और राहुल द्रविड़। गावस्कर ने कहा कि इन तीनों कप्तानों की खास बात थी उनका संयमित और शांत स्वभाव, जो शुभमन गिल में भी देखा जा सकता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही मौजूदा 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में भले ही टीम इंडि या 1-2 से पीछे हो, लेकिन शुभमन गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी की शैली ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। गावस्कर का मानना है कि गिल का प्रदर्शन और नेतृत्व इंग्लैंड में इतिहास रचने वाले पूर्व कप्तानों जैसा है।
शुभमन गिल में दिखता है संयम और आत्मविश्वास

गावस्कर ने कहा कि गावस्कर ने शुभमन गिल की तुलना तीन कप्तानों से की क्योंकि शुभमन का स्वभाव बहुत शांत है और मैदान पर उनका नियंत्रण शानदार है। “अजीत वाडेकर, कपिल देव और राहुल द्रविड़ – ये सभी इंग्लैंड में सीरीज जीतने वाले कप्तान रहे हैं और इन सभी में एक समानता थी – ठहराव और रणनीतिक सोच। शुभमन में भी वही गुण नज़र आते हैं,” गावस्कर ने कहा।
उन्होंने बर्मिंघम टेस्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि शुभमन उस मैच में वाडेकर, कपिल और द्रविड़ की मिश्रित झलक दे रहे थे। टीम का आत्मविश्वास, रणनीति और संयम—तीनों में उनका नेतृत्व झलक रहा था।
इंग्लैंड में अब तक सिर्फ तीन सीरीज जीत
गावस्कर ने याद दिलाया कि भारतीय टीम ने अब तक इंग्लैंड में केवल तीन बार टेस्ट सीरीज जीती है –
- 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में,
- 1986 में कपिल देव के नेतृत्व में,
- और 2007 में राहुल द्रविड़ की अगुवाई में।
“इन तीनों जीतों में कप्तान का संयम महत्वपूर्ण था। कप्तान न केवल अच्छे खिलाड़ी थे, बल्कि दबाव में भी संतुलन बनाए रखने में माहिर थे,” गावस्कर ने कहा।
इसलिए, जब गावस्कर ने शुभमन गिल की तुलना तीन कप्तानों से की, तो यह सिर्फ उनके रन बनाने की बात नहीं थी, बल्कि उनकी कप्तानी की सोच, शांत रवैये और मैच की स्थितियों को पढ़ने की क्षमता की वजह से थी।
सीरीज में पीछे होने के बावजूद भारत का खेल अच्छा
गौरतलब है कि पांच मैचों की इस सीरीज में भारत अभी 1-2 से पीछे चल रहा है। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने 5 शानदार शतक लगाए, लेकिन फिर भी उसे हार का सामना करना पड़ा। गेंदबाज़ी के कुछ कमजोर ओवरों और फील्डिंग में चूक की वजह से जीत हाथ से निकल गई।
दूसरे टेस्ट में, जो एजबेस्टन में हुआ, टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी की और 336 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत में शुभमन गिल की कप्तानी भी अहम रही। उन्होंने खिलाड़ियों का सही उपयोग किया और गेंदबाज़ों की रोटेशन शानदार तरीके से की।
तीसरे टेस्ट में टीम ने फिर से अच्छा खेल दिखाया, लेकिन आखिरी सेशन में कुछ गलत फैसलों और कैच छोड़ने की वजह से मुकाबला हार गई। यह एक करीबी मैच था, जिसमें कप्तानी पर कई चर्चाएं हुईं और यहीं से गावस्कर का बयान आया।
शुभमन गिल का भविष्य उज्ज्वल

गावस्कर के मुताबिक, शुभमन गिल में लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, “जब गावस्कर ने शुभमन गिल की तुलना तीन कप्तानों से की, तो मेरा मकसद यह दिखाना था कि उनके पास नेतृत्व गुण हैं। वो खिलाड़ी नहीं, सोचने वाले कप्तान हैं। ऐसी सोच ही टीम को मुश्किल परिस्थितियों में रास्ता दिखाती है।”
गिल के बल्ले से भी रन निकल रहे हैं, जो उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने सीरीज में अब तक दो अर्धशतक और एक शानदार शतक लगाया है।
दिग्गजों की नजर में शुभमन गिल
केवल गावस्कर ही नहीं, बल्कि कई अन्य पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने भी शुभमन गिल की प्रशंसा की है। युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण और इरफान पठान जैसे खिलाड़ियों ने गिल की तकनीक और मानसिक दृढ़ता की सराहना की है।
लक्ष्मण ने कहा, “शुभमन न केवल एक तकनीकी रूप से सशक्त बल्लेबाज हैं, बल्कि उनकी निर्णय लेने की क्षमता भी कमाल की है। उनके भीतर एक लीडर बसता है।”
अगले दो टेस्ट होंगे निर्णायक
भारत को इस सीरीज में वापसी करनी है और चौथा व पांचवां टेस्ट बहुत अहम साबित होंगे। गावस्कर ने कहा कि अगर भारत सीरीज जीतता है, तो गावस्कर ने शुभमन गिल की तुलना तीन कप्तानों से की इस बयान को ऐतिहासिक माना जाएगा। गिल की कप्तानी भारत को चौथी बार इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जिताने में सहायक बन सकती है।
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