प्रस्तावना

भारत के कॉरपोरेट जगत में टर्नअराउंड की कहानियां बहुत कम देखने को मिलती हैं। लेकिन अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने जिस तरह चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है, वह एक मिसाल बन गई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने कंपनी पर भरोसा जताते हुए ‘ओवरवेट’ की रेटिंग दी है और 818 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 29% अधिक है।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट
- मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, अदाणी पावर ने भारत के कॉरपोरेट इतिहास में एक शानदार टर्नअराउंड स्टोरी लिखी है।
- अधिकांश नियामक मुद्दों का समाधान और कई वैल्यू क्रिएटिंग अधिग्रहणों ने कंपनी की स्थिति को मजबूत किया है।
- रिपोर्ट में कहा गया कि समय पर परियोजनाओं की डिलीवरी और नए पीपीए (पावर परचेज एग्रीमेंट्स) कंपनी की आय वृद्धि को गति देंगे।
शेयर बाजार में स्थिति
- रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार सुबह के कारोबार में अदाणी पावर का शेयर 7-8% की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था।
- पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 0.5% की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
- विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का विश्वास कंपनी में लगातार बढ़ रहा है।
अदाणी पावर की ताकत
- अदाणी पावर भारत की सबसे बड़ी स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनी (IPP) है।
- यह देश की दूसरी सबसे बड़ी बिजली उत्पादक भी है, एनटीपीसी के बाद।
- कंपनी का भारत के कोयला उत्पादन और पावर जनरेशन में 8% हिस्सा है।
भविष्य की योजनाएं
- भारत की 32वीं पंचवर्षीय योजना तक 80 गीगावाट कोयला क्षमता जोड़ने की योजना है।
- अदाणी पावर का लक्ष्य एफवाई32 तक 41.9 गीगावाट क्षमता तक पहुंचना है।
- कंपनी का अनुमान है कि इसकी मार्केट शेयर 15% तक पहुंच सकती है।
- कंपनी के पास 23.7 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता है, जिसके लिए 27 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है।
- इसमें से 60-65% फंड कंपनी आंतरिक स्रोतों से जुटाएगी।
कोयला और ऊर्जा सुरक्षा

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा:
“कोयला भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है और आने वाले दशक में परमाणु ऊर्जा भी इसमें बड़ा योगदान देगी।”
- रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस समय 20 गीगावाट के बड़े पीपीए पाइपलाइन में हैं।
- नए कोयला पीपीए कंपनी की आय क्षमता पर भरोसा मजबूत करेंगे।
EBITDA में बढ़ोतरी की उम्मीद
- मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2033 तक कंपनी का EBITDA 2.5-3 गुना तक बढ़ जाएगा।
- इसका कारण परियोजनाओं का समय पर पूरा होना, बेहतर पीपीए और लागत नियंत्रण है।
अधिग्रहण और विस्तार
अदाणी पावर ने हाल ही में 2.9 गीगावाट बिजली संयंत्र अधिग्रहित किए हैं।
- अगर इनकी लाभप्रदता सुधरती है और कंपनी का मर्चेंट पोर्टफोलियो मौजूदा 20% से कम होता है, तो आय अनुमानों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
- कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और यह उसे नए निवेश आकर्षित करने में मदद कर रही है।
परियोजनाओं की प्रगति
- भूमि अधिग्रहण, बॉयलर-टरबाइन-जनरेटर (BTG) ऑर्डर और निर्माण कार्य समय पर पूरा हो रहा है।
- अदाणी समूह की आंतरिक क्षमता और अनुभव इन प्रोजेक्ट्स की सफलता सुनिश्चित कर रही है।
- बाहरी ऋण अपेक्षाकृत कम है, जिससे वित्तीय दबाव भी घटा है।
निवेशकों के लिए संकेत
- मौजूदा समय में शेयर का टारगेट प्राइस 818 रुपये बताया गया है।
- यह मौजूदा स्तर से 29% ज्यादा है।
- ब्रोकरेज फर्म ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में अदाणी पावर का शेयर लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
अदाणी पावर की कहानी सिर्फ एक कंपनी का उत्थान नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम भी है।
- नियामक समस्याओं का समाधान, नए अधिग्रहण, मजबूत बैलेंस शीट और समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी ने इसे निवेशकों का पसंदीदा बना दिया है।
- मॉर्गन स्टेनली का 29% अपसाइड टारगेट निवेशकों के लिए नए अवसर खोलता है।
स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में अदाणी पावर भारत की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी कहानियों में से एक बनने जा रही है।
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