
भोपाल, 23 अक्टूबर (आचारण न्यूज़)।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाला तीन लाख रुपए तक का कर्ज अब आगे भी जारी रहेगा।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी दी कि राज्य में किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से लंबे समय से यह सुविधा दी जा रही है, और अब सरकार ने इसे निरंतर रखने का फैसला किया है। यह योजना वर्ष 2011-12 में शुरू की गई थी, जिसके तहत किसान बिना ब्याज के तीन लाख रुपए तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद कृषि लागत को कम करना और किसानों को वित्तीय सहायता देकर उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में किसानों को लगभग 23 हजार करोड़ रुपए वितरित करेगी। इससे किसानों को समय पर बीज, खाद और सिंचाई जैसी आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकेंगे।
कैबिनेट बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पांच जिलों — टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडोरी — के सरकारी अस्पतालों में विस्तार को मंजूरी दी गई है। इन अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 1,000 से बढ़ाकर 1,800 की जाएगी, साथ ही करीब 810 नए पद भी सृजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने सागर जिले के मालथौन में नए कोर्ट की स्थापना को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए सात नए पद सृजित किए गए हैं।
राज्य सरकार ने सतत विकास के लक्ष्यों (SDGs) को 2030 तक हासिल करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा, लैंगिक समानता और स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिन जिलों में बेहतर प्रदर्शन होगा, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
कृषि, स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था से जुड़े इन निर्णयों को लेकर माना जा रहा है कि यह कदम न केवल किसानों और ग्रामीण समुदायों को सीधी राहत देंगे, बल्कि राज्य की विकास योजनाओं को भी नई गति प्रदान करेंगे।
