प्रस्तावना

सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता है। जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाज़ार से धन निकालकर सोने की ओर रुख करते हैं। हाल ही में अमेरिकी शटडाउन की आशंका और फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितताओं ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने का रिकॉर्ड स्तर
सोमवार को कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमतें रिकॉर्ड 3,900 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं।
- खबर लिखे जाने तक यह 1.22% बढ़कर 3,956.70 डॉलर प्रति औंस पर थी।
- दिन का उच्चतम स्तर 3,969 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया।
निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि फेडरल रिज़र्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे सोने की मांग और बढ़ रही है।
फेडरल रिज़र्व और आर्थिक संकेतक
फेड गवर्नर स्टीफन मिरान ने हाल ही में संकेत दिया था कि दरों में आक्रामक कटौती की योजना पर विचार किया जा सकता है।
- इससे डॉलर पर दबाव बढ़ा है।
- निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे हैं।
साथ ही, ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के चलते आर्थिक दबाव की आशंका भी सोने के भाव को और ऊपर ले जा रही है।
भारतीय बाज़ार में सोने और चांदी का हाल

सोना (Gold on MCX)
- एमसीएक्स (MCX) पर सोना 1.20 लाख रुपये के करीब पहुंच गया है।
- 5 दिसंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.25% बढ़कर 1,19,595 रुपये पर ट्रेड हुआ।
चांदी (Silver on MCX)
सोने-चांदी के दामों में हालिया बढ़त
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार:
- पिछले एक हफ्ते में 24 कैरेट सोना 3,692 रुपये महंगा होकर 1,16,954 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
- इसी अवधि में चांदी 7,510 रुपये महंगी होकर 1,45,610 रुपये प्रति किलो पहुंची।
सालभर का रिटर्न
- इस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने 50% से अधिक रिटर्न दिया है।
- चांदी ने करीब 70% का रिटर्न निवेशकों को दिया है।
यानी जिन्होंने साल की शुरुआत में सोने-चांदी में निवेश किया था, उन्हें शानदार मुनाफा मिला है।
भविष्य की संभावनाएं
दुनिया के सबसे बड़े निवेश बैंक गोल्डमैन सैश ने अनुमान लगाया है कि:
- सोने की कीमत अगले साल तक 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।
- वर्तमान में यह 3,900 डॉलर प्रति औंस से ऊपर है, यानी अभी भी इसमें और बढ़त की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
अमेरिकी शटडाउन, फेडरल रिज़र्व की ब्याज दरों में संभावित कटौती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने सोने को एक बार फिर निवेशकों का सबसे पसंदीदा एसेट बना दिया है।
- भारतीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।
- आने वाले महीनों में यदि वैश्विक आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं हुई, तो सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।
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