
केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सारी योजनाएं चलती है. इनमें से कई योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने वाली होती हैं. इसी साल बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” की शुरुआत की थी। इस योजना का लक्ष्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना की शुरुआत से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाएँ इसका लाभ प्राप्त कर चुकी हैं, जबकि सरकार अब पाँचवीं किस्त जारी करने की तैयारी में है। पाँचवीं किस्त 24 अक्टूबर को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे स्वरोजगार की शुरुआत कर सकें। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर महिला अपना व्यवसाय लगातार छह महीनों तक संचालित करती है, तो सरकार की ओर से दो लाख रुपये तक अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकती है। यह आर्थिक मदद उन 18 प्रकार के सूक्ष्म व्यवसायों के लिए मान्य है, जिन्हें सरकार ने सूचीबद्ध किया है।
✅ कौन ले सकता है लाभ?
जो जीविका (BRLPS) समूह से जुड़ी हैं
जिन्होंने योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेज जमा किए हैं
जिनका आवेदन विभाग द्वारा स्वीकृत किया गया है
यदि किसी महिला ने पहले ही भुगतान प्राप्त कर लिया है, तो उसे दोबारा राशि नहीं भेजी जाएगी
✅ कहां और कैसे करना होगा आवेदन?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है; ऑफलाइन फॉर्म की आवश्यकता नहीं
पंजीकरण के लिए जीविका (BRLPS) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
वहां उपलब्ध आवेदन फॉर्म को भरें
आवेदन के समय निम्न विवरण दर्ज करना अनिवार्य है:
मोबाइल नंबर
आधार नंबर
बैंक खाता विवरण
व्यवसाय या उद्योग का प्रकार
इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
मैट्रिक या इंटरमीडिएट प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
स्थायी निवास प्रमाणपत्र
विकलांगता प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
पासपोर्ट साइज फोटो
हस्ताक्षर
दस्तावेज अपलोड करने और फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन की जांच की जाती है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेज दी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को घर पर ही स्वरोजगार शुरू करने में सहायता देना है। कई महिलाएं घरेलू छोटे उद्योग जैसे सिलाई, पापड़/आचार निर्माण, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित कार्य और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इससे महिलाओं की आय बढ़ रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
