
नई दिल्ली, 1 मार्च। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव, नींद की कमी और चिड़चिड़ापन आम समस्या बन चुकी हैं। ऐसे में योग की कुछ मुद्राएं सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
इन्हीं में से एक है पूर्ण चंद्र मुद्रा, जिसे अंग्रेजी में फुल मून जेस्चर कहा जाता है। यह मुद्रा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मन को शांत रखने में मदद करती है।क्या है पूर्ण चंद्र मुद्रा?
पूर्ण चंद्र मुद्रा हाथों की एक विशेष योग मुद्रा है, जो शरीर और मन के संतुलन को बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसका नियमित अभ्यास मन की बेचैनी और तनाव को कम करने में मदद करता है।
जब व्यक्ति गुस्सा, चिंता या तनाव महसूस करता है, तो शरीर ‘फाइट मोड’ में चला जाता है। यह मुद्रा शरीर को धीरे-धीरे ‘रेस्ट एंड डाइजेस्ट’ यानी आराम की अवस्था में लाने में सहायक होती है।
नींद की समस्या में कैसे मददगार?
पूर्ण चंद्र मुद्रा का नियमित अभ्यास दिल की धड़कन को सामान्य करने और मन को शांत करने में मदद करता है।
- अनिद्रा (नींद न आना) की समस्या में राहत
- मानसिक बेचैनी में कमी
- चिड़चिड़ापन कम करने में सहायक
- रात में बेहतर और गहरी नींद
जब मन शांत होता है, तो शरीर भी आराम की अवस्था में जाता है, जिससे नींद की गुणवत्ता सुधरती है।
एकाग्रता और निर्णय क्षमता में सुधार
यह मुद्रा एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक मानी जाती है।
- छात्रों के लिए पढ़ाई में फोकस बढ़ाने में मददगार
- कामकाजी लोगों के लिए निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
- रचनात्मकता में वृद्धि
अभ्यास के दौरान ली गई गहरी सांसें ध्यान केंद्रित करने में मदद करती हैं, जिससे सोच स्पष्ट होती है।
डेस्क जॉब करने वालों के लिए फायदेमंद
लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से मानसिक थकान और तनाव बढ़ सकता है।
ऐसे में कुछ मिनट पूर्ण चंद्र मुद्रा का अभ्यास करते हुए आंखें बंद कर गहरी सांस लेने से मन तरोताजा महसूस करता है। यह शरीर को हल्का और ऊर्जा से भरपूर महसूस कराने में मदद करता है।
कैसे करें पूर्ण चंद्र मुद्रा?
- आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं (कुर्सी या जमीन पर)।
- दोनों हाथों से मुद्रा बनाएं।
- आंखें बंद करके गहरी और धीमी सांस लें।
- 5 से 10 मिनट तक अभ्यास करें।
इसे बैठकर या लेटकर भी किया जा सकता है।
जरूरी सावधानी
आयुष मंत्रालय के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो पूर्ण चंद्र मुद्रा का अभ्यास शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
नियमित और सही तरीके से किया गया अभ्यास मानसिक तनाव कम करने, नींद सुधारने और चिड़चिड़ापन घटाने में सहायक हो सकता है।
