रेवाड़ी में पति की हत्या का सनसनीखेज मामला: प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने रची साजिश, सुसाइड का नाटक किया, लेकिन डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने खोल दिया पूरा राज।

हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शुरुआत में जिस घटना को आत्महत्या या हादसा माना गया था, वह अब कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आई है। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति का कत्ल करवा दिया. परिवार या पुलिस को उस पर शक ना हो, इसके लिए उसने पूरी प्लानिंग कराई थी. पहले तो उसने मोनू को मुंह और नाक दबाकर बेसुध करवाया और फिर जिंदा ही नहर में फेंकवा दिया. यह इसलिए किया ताकि जब शव मिले और पोस्टमार्टम हो तो रिपोर्ट में मौत की वजह पानी में डूबने से आए. पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे उसके कथित प्रेमी और एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
गुमशुदगी के बाद नहर में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, जड़थल गांव निवासी 21 वर्षीय मोनू 8 जून की शाम घर से दवा लेने की बात कहकर स्कूटी से निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और अगले दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
परिवार का कहना है कि मोनू ने कहा कि मेरे पेट में दर्द है, मैं दवाई लेने जा रहा हूं लेकिन मोनू नहीं लौट के आया, 7 जून को तन्नू को लेने के लिए जाना था. तन्नू ने सैलरी के पैसे साथ लेकर आने की शर्त रखी. 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी जाकर पैसे निकलवाए और घर में पेट दर्द का बहाना बनाकर तन्नू से मिलने पहुंच गया. यह सब तन्नू और मोनू की चैट से पता चला. मोनू के साथ तन्नू अपने प्रेमी सोनू के भी संपर्क में रही. परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन मृतक और उसकी पत्नी के बीच कई बार बातचीत हुई थी। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर परिवार ने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की और हत्या की आशंका जताई।
10 जून को आसलवास के पास नहर से एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान मोनू के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिलने के कारण मामले को दुर्घटना या आत्महत्या की संभावना के रूप में देखा गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मोबाइल फोन से खुला मामला
मृतक की स्कूटी से बरामद मोबाइल फोन का डेटा डिलीट मिला। परिजनों ने साइबर विशेषज्ञ की मदद से फोन का डेटा रिकवर कराया। परिवार का दावा है कि रिकवर हुई चैट और कॉल रिकॉर्ड से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसमें तन्नू की पति मोनू से चैट और लापता होने वाले दिन 49 बार कॉल ने परिवार के शक को पुख्ता कर दिया. हालांकि बेटे की रस्म क्रिया के दिन पूरे होने तक परिवार ने बहू को इसका अहसास ही नहीं होने दिया.
पीड़ित परिवार ने डीएसपी और SP से भी की मुलाकात
इसके बाद परिवार ने पुलिस को फोन से मिली चैट का डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की. खुद फोन की जांच कर चुकी पुलिस ने भी शुरू में इसे गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद परिवार पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिला. जब बात नहीं बनी तो परिवार 2 जुलाई को एसपी से मिला. इसके बाद तन्नू की गिरफ्तारी हो पाई.
पुलिस जांच में सामने आई कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, तन्नू ने पूछताछ में बताया कि 8 जून को उसने फोन कर मोनू को बुलाया. पहले से घात लगाकर बैठे तन्नु के प्रेमी मुंडनवास निवासी सोनू ने अपने ही गांव के हरिओम और अमन के साथ मिलकर मोनू को दबोच लिया. बेसुध होने तक उसका मुंह और नाक दबाकर रखें. इसके बाद उसे नहर में फेंक दिया. पुलिस ने इस मामले में पत्नी और एक अन्य आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कथित मुख्य आरोपी सोनू और एक अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अब तक की जांच के आधार पर पत्नी और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ साजिश के आरोप सामने आए हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
