
मुंबई, 9 मार्च। कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार गिरावट का बड़ा असर सोमवार को भारतीय बाजारों में देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार की शुरुआत में ही प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,918.90 से 1,862.15 अंक गिरकर 77,056.75 पर खुला।
- एनएसई निफ्टी 24,450.45 से 582.40 अंक गिरकर 23,868.05 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सुबह 9:28 बजे के आसपास सेंसेक्स 2,404.42 अंक (3.05 प्रतिशत) गिरकर 76,514.48 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 727.40 अंक (करीब 3 प्रतिशत) टूटकर 23,723.05 पर पहुंच गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
बेंचमार्क इंडेक्स के साथ व्यापक बाजार में भी गिरावट देखी गई।
- निफ्टी मिडकैप करीब 3.07 प्रतिशत गिरा
- निफ्टी स्मॉलकैप लगभग 3.18 प्रतिशत फिसला
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा।
- निफ्टी पीएसयू बैंक: 4% से ज्यादा गिरावट
- निफ्टी ऑटो: 3.99% गिरावट
- निफ्टी बैंक: 3.87% गिरावट
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: 3.75% गिरावट
- निफ्टी एफएमसीजी: 2.14% गिरावट
वहीं निफ्टी आईटी में अपेक्षाकृत कम, करीब 1.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे
सेंसेक्स के शेयरों में इंडिगो, एसबीआई, एलएंडटी, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में 21% उछाल
अमेरिका-ईरान संघर्ष के तेज होने से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई। एशियाई बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 21 प्रतिशत उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान द्वारा जहाजों पर हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई।
एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 6 मार्च 2026 को विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 6,030 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वहीं घरेलू निवेशकों ने लगभग 6,972 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।
एक्सपर्ट ने दी सतर्क रहने की सलाह
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक निफ्टी के लिए 24,700–25,150 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 23,850 और 23,600 तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर निफ्टी 23,500 के नीचे जाता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है।
विशेषज्ञों ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों को सतर्क रहने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान देने की सलाह दी है।
