राम मंदिर जमीन मामले में सांसद संजय सिंह ने SIT को 11 दस्तावेज सौंपते हुए सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं की गई।

राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विशेष जांच दल (SIT) को 11 अहम दस्तावेज और सबूत सौंपे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, सांसद संजय सिंह निर्धारित समय पर SIT कार्यालय पहुंचे और करीब 12 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान जांच दल के अध्यक्ष को कथित जमीन सौदों से जुड़े 11 दस्तावेज सौंपे। उन्होंने दावा किया कि ये दस्तावेज जमीन खरीद-फरोख्त में हुई कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं।
SIT अध्यक्ष को सौंपे दस्तावेज
संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी को सभी उपलब्ध दस्तावेज और तथ्य सौंप दिए हैं। उनका कहना है कि अब जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे इन सबूतों की निष्पक्ष जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकारी या निजी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
FIR को लेकर उठाए सवाल
सांसद ने सबसे बड़ा सवाल यह उठाया कि मामले में कई बार आरोप लगाए जाने और दस्तावेज सामने आने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक पर ऐसे आरोप होते तो तत्काल कार्रवाई होती, लेकिन इस मामले में जांच की गति बेहद धीमी दिखाई दे रही है।
निष्पक्ष जांच की मांग
संजय सिंह ने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दल लगातार जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि संबंधित पक्षों की ओर से पहले भी आरोपों को खारिज किया जाता रहा है। ऐसे में अब SIT की जांच और उसकी रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
जांच के नतीजों का इंतजार
फिलहाल SIT द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
राम मंदिर से जुड़े इस कथित जमीन मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि SIT की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।
