⚠️ जॉनसन एंड जॉनसन टैल्क पाउडर विवाद में बड़ा फैसला! 76,000 कैंसर मामलों के निपटारे के लिए कंपनी करेगी 5.5 अरब डॉलर (करीब ₹52 हजार करोड़) का समझौता।

हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने अपने टैल्क-आधारित बेबी पाउडर को लेकर वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ओवेरियन कैंसर से जुड़े लगभग 76,000 दावों के निपटारे के लिए 5.5 अरब डॉलर (करीब 52,000 करोड़ रुपये) के समझौते का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
जॉनसन एंड जॉनसन पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि उसके टैल्क-आधारित बेबी पाउडर और कुछ अन्य उत्पादों में एस्बेस्टस (Asbestos) मौजूद था। दावा किया गया कि इन उत्पादों के लंबे समय तक इस्तेमाल से कुछ महिलाओं में ओवेरियन कैंसर और मेसोथेलियोमा जैसी गंभीर बीमारियां विकसित हुईं। इन्हीं आरोपों के आधार पर अमेरिका की विभिन्न अदालतों में हजारों मुकदमे दर्ज किए गए थे।
76,000 मामलों का होगा निपटारा….
कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित समझौता लगभग 76,000 दावों को कवर करेगा। इनमें न्यू जर्सी की संघीय अदालत में चल रहे संयुक्त मुकदमे और विभिन्न राज्यों की अदालतों में लंबित संबंधित मामले शामिल हैं। यदि यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाता है, तो पिछले एक दशक से चल रहे सबसे बड़े कॉर्पोरेट कानूनी विवादों में से एक का अंत हो सकता है।
कंपनी का क्या कहना है?
जॉनसन एंड जॉनसन ने एक बार फिर दोहराया है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित थे और उनमें एस्बेस्टस नहीं था। कंपनी का कहना है कि वह किसी गलती को स्वीकार नहीं कर रही है, बल्कि लंबे और महंगे कानूनी विवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से समझौता कर रही है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सभी पक्षों के लिए व्यावहारिक समाधान साबित हो सकता है।
मुआवजा कैसे दिया जाएगा?
समझौते के तहत कंपनी चरणबद्ध तरीके से भुगतान करेगी।
- 2027 में लगभग 3 अरब डॉलर का भुगतान प्रस्तावित है।
- शेष राशि 2028 में दी जाएगी।
- यदि भविष्य में अधिक दावेदार इस समझौते में शामिल होते हैं, तो कुल भुगतान 7 अरब डॉलर या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
मुआवजा केवल पात्र ओवेरियन कैंसर से जुड़े दावों के आधार पर दिया जाएगा।
अमेरिका में बंद हो चुका है टैल्क बेबी पाउडर….
जॉनसन एंड जॉनसन ने 2020 में अमेरिका में टैल्क-आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। बाद में कंपनी ने कई बाजारों में कॉर्नस्टार्च-आधारित बेबी पाउडर को बढ़ावा देना शुरू किया। हालांकि, कानूनी विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और कंपनी की दिवालिया प्रक्रिया के जरिए मुकदमों को निपटाने की कोशिश भी सफल नहीं हो सकी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?
यह समझौता दुनिया के सबसे बड़े उत्पाद दायित्व (Product Liability) मामलों में से एक माना जा रहा है। यदि अदालत और संबंधित पक्ष इसे अंतिम मंजूरी देते हैं, तो हजारों दावेदारों को मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो सकता है और कंपनी भी वर्षों पुराने कानूनी विवाद से बाहर निकल सकेगी।
