
वॉशिंगटन, 24 मार्च। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर बातचीत की। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य विषय ईरान से जुड़ा मौजूदा संकट था।
संवेदनशील कूटनीतिक चर्चा
व्हाइट हाउस ने इस बातचीत को संवेदनशील बताते हुए ज्यादा जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। प्रेस सचिव कैरोलिन लिविट ने कहा कि यह एक कूटनीतिक बातचीत है और इसके बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी नहीं दी जाएगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाने की भूमिका निभा रहा है।
शहबाज शरीफ की ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बातचीत की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर ईद-उल-फितर और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और ईरान के लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
शरीफ ने बताया कि दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर सहमति जताई।
हमले को पांच दिन टालने की घोषणा
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि तेहरान के साथ बेहतर और सार्थक बातचीत की संभावना को देखते हुए उन्होंने संभावित हमले को पांच दिनों के लिए टालने का फैसला किया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोई सीधी भूमिका रही है या नहीं।
बातचीत से इनकार, लेकिन संदेश स्वीकार
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार किया है। हालांकि ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह स्वीकार किया है कि कुछ मित्र देशों के माध्यम से संदेश मिले हैं।
शुरुआती दौर में कूटनीतिक प्रयास
विश्लेषकों का मानना है कि यह कूटनीतिक प्रयास अभी शुरुआती चरण में है और इसे औपचारिक या संरचित वार्ता नहीं कहा जा सकता।
फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कूटनीतिक पहल क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम कर पाएगी या नहीं।
