🚨 7 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार! मुंबई क्राइम ब्रांच ने मानव तस्करी मामले में योगानंद पुजारी को दबोचा। पुलिस के अनुसार, उस पर फर्जी वीजा और एयर टिकट के जरिए लोगों को दुबई भेजने का आरोप है।

महाराष्ट्र में मानव तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है. क्राइम ब्रांच की यूनिट-8 ने 42 वर्षीय योगानंद पुजारी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी साल 2019 से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर यानी LOC भी जारी किया गया था. पुलिस का आरोप है कि योगानंद पुजारी फर्जी दस्तावेजों, एयर टिकट और वीजा की मदद से लोगों को दुबई भेजने वाले नेटवर्क से जुड़ा था. भारत लौटने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
2019 में सामने आया था मामला…..
पुलिस के मुताबिक, यह मामला अगस्त 2019 का है. उस दौरान मुंबई से दुबई जाने की तैयारी कर रही एक महिला यात्री को इमिग्रेशन जांच के दौरान रोक लिया गया था. जांच में उसके पास मौजूद दुबई से मुंबई लौटने का एयर टिकट संदिग्ध पाया गया. अधिकारियों ने जब एयरलाइन के रिजर्वेशन सिस्टम में टिकट की जानकारी जांची तो वह वहां मौजूद नहीं थी. इसके बाद टिकट के फर्जी होने का शक गहरा गया और मामले की जांच शुरू हुई…..
पूछताछ में सामने आया योगानंद का नाम…..
इस मामले में पुलिस ने पहले मोहम्मद फिरोज राशिद सैयद उर्फ आश खान नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान योगानंद पुजारी का नाम सामने आया. आरोप है कि पुजारी फर्जी वीजा और एयर टिकट तैयार कर उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए भेजता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे……
चार और महिलाओं को विदेश भेजने का शक…..
जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि आरोपी ने इसी तरह की व्यवस्था के जरिए कम से कम चार अन्य महिलाओं को भी विदेश भेजने में मदद की हो सकती है. पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में इन महिलाओं के नाम किशी, मोना, ममता और श्रेया बताए गए हैं. इन मामलों में आरोपी की भूमिका और पूरे नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है……
सात साल तक पुलिस की पहुंच से बाहर रहा आरोपी…..
पुलिस के अनुसार, 2019 के बाद से योगानंद पुजारी फरार चल रहा था. लंबे समय तक उसका पता नहीं चल पाने के बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया. अब भारत लौटने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लोगों को विदेश भेजने के इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे…..
विदेश भेजने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का खेल…..?
इस मामले ने एक बार फिर विदेश जाने की प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस अब आरोपी से कथित नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने में लगी है. फिलहाल, योगानंद पुजारी पुलिस हिरासत में है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मामले में और कितने लोग जुड़े हैं और कितने लोगों को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश भेजा गया……
