🚨 डूबती कार... अंदर 11 महीने का मासूम और बाहर तमाशा देखती भीड़! 😨 डूंगरपुर की सुर्ता परमार और उनकी बेटी आयुषी ने बिना डरे पानी में छलांग लगाई और तीन लोगों की जान बचा ली। मां-बेटी की बहादुरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ❤️🙏

डूंगरपुर में हादसे के वक्त जब लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में जुटे थे, तब 38 वर्षीय सुर्ता परमार और उनकी बेटी आयुषी ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। मां-बेटी ने डूबती कार में फंसे 11 महीने के बच्चे समेत तीन लोगों की जान बचा ली। राजस्थान के डूंगरपुर से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरती दिखाई देती है। कार के अंदर एक छोटे बच्चे समेत तीन लोग फंस जाते हैं और देखते ही देखते वाहन पानी में डूबने लगता है। हादसा देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन मदद के लिए आगे आने के बजाय कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आए। इसी बीच वहां मौजूद सुर्ता परमार और उनकी बेटी आयुषी ने ऐसा साहस दिखाया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
डूबती कार देखकर मां-बेटी ने नहीं गंवाया समय…..
जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय सुर्ता परमार और उनकी बेटी आयुषी की नजर हादसे पर पड़ी तो दोनों तुरंत पानी की तरफ बढ़ीं। कार तेजी से डूब रही थी और उसके अंदर मौजूद लोगों के लिए हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण था। मां-बेटी ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी और तैरते हुए कार तक पहुंचीं। पानी के दबाव की वजह से कार के दरवाजे खोलना मुश्किल था। ऐसे में दोनों ने सूझबूझ दिखाते हुए कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई।
सबसे पहले बचाया 11 महीने का मासूम…..
कार के अंदर एक 11 महीने का बच्चा भी फंसा हुआ था। मां-बेटी ने सबसे पहले मासूम को बाहर निकाला और उसे सुरक्षित किनारे पर मौजूद लोगों को सौंप दिया। इसके बाद कार में फंसे दो अन्य लोगों को भी एक-एक करके बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि बचाव अभियान पूरा होने के कुछ ही समय बाद कार पूरी तरह पानी में समा गई। अगर कुछ और देर होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
सोशल मीडिया पर मां-बेटी की बहादुरी की चर्चा…..
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग सुर्ता परमार और उनकी बेटी आयुषी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जब कई लोग सिर्फ तमाशा देख रहे थे, तब मां-बेटी ने आगे बढ़कर इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा किया है कि हादसे के समय वीडियो बनाने के बजाय लोगों को जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए। वहीं, सुर्ता और आयुषी की बहादुरी यह संदेश देती है कि मुश्किल वक्त में एक छोटी-सी पहल भी किसी की जिंदगी बचा सकती है। डूंगरपुर की इस मां-बेटी की बहादुरी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग उन्हें असली हीरो बता रहे हैं।
