🚨 बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायरी दवा देने का दावा, स्वास्थ्य विभाग ने किया खंडन! कानपुर के मायापुरम मामले में CMO ने जांच के बाद आरोपों को तथ्यहीन बताया। रिकॉर्ड में राहत कैंप में संबंधित सीरप बांटे जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सफाई दी है। बर्रा मायापुरम में बाढ़ राहत के दौरान बच्चों को एक्सपायरी सीरप दिए जाने के आरोप लगाए गए थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के बाद इन दावों को तथ्यहीन बताया है।
स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा……?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, 2 सितंबर को बाढ़ राहत कैंप में Trimethoprim and Sulphamethoxazole IP सीरप वितरित नहीं किया गया था। विभागीय रिकॉर्ड की जांच में भी इस दवा के राहत शिविर में वितरण का कोई प्रमाण नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित सीरप वर्ष 2025 में कानपुर नगर के ड्रग वेयरहाउस में प्राप्त हुआ था और मार्च 2025 तक इसे सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वितरित किया जा चुका था।
राहत शिविर के स्टॉक रजिस्टर में भी नहीं मिला रिकॉर्ड…..
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में किसी भी सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संबंधित बैच की दवा उपलब्ध नहीं है। बाढ़ राहत के लिए तैयार किए गए स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की गई, लेकिन उसमें उक्त सीरप की कोई एंट्री नहीं मिली। इसी आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ पीड़ितों को एक्सपायरी दवा बांटे जाने से जुड़ी खबरों और आरोपों को खारिज किया है।
जुलाई में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का लगाया गया था आरोप…..
दरअसल, यह विवाद बर्रा मायापुरम इलाके से सामने आया था। आरोप लगाया गया था कि जुलाई 2026 में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों को दिए गए सीरप का सेवन करने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके में करीब 20 परिवारों को दवाएं उपलब्ध कराई थीं। बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद इलाज मिलने पर उनकी स्थिति में सुधार होने की बात भी सामने आई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई जांच में एक्सपायरी दवा बांटे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में सामने आए आरोप और विभाग की जांच रिपोर्ट के बीच अंतर बना हुआ है।
विभाग ने रिकॉर्ड के आधार पर दी सफाई…..
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे यह साबित हो कि संबंधित एक्सपायरी सीरप बाढ़ राहत शिविर में वितरित किया गया था। फिलहाल विभाग ने लोगों से अपुष्ट दावों पर भरोसा नहीं करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी में चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
