अब सरकारी गाड़ियों पर भी PUC नियमों की सख्ती! 🚗 बिना वैध PUC चलने पर कट सकता है भारी चालान.

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए NGT ने सरकारी वाहनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. अब बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के सरकारी या सरकार द्वारा किराए पर ली गई गाड़ियों के सड़क पर चलने पर कार्रवाई की जा सकती है…..
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सरकारी वाहनों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. अब प्रदूषण से जुड़े नियमों के पालन में सरकारी गाड़ियों को भी किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी. बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के चलने वाले सरकारी वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी. NGT के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उसके विभागों की गाड़ियां वैध PUC के बिना सड़कों पर न चलें. नियमों का उल्लंघन होने पर चालान की कार्रवाई भी की जा सकती है…..
क्या है पूरा मामला….?
यह मामला जितेंद्र महाजन की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली में कई सरकारी और सरकार द्वारा किराए पर ली गई गाड़ियां बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के सड़कों पर चल रही हैं. मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम सरकारी और निजी दोनों वाहनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए. इसके बाद NGT ने सरकारी वाहनों के मामले में भी नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया.
सरकारी गाड़ियों को भी देना होगा PUC टेस्ट….
PUC सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा के भीतर है. आमतौर पर निजी वाहन चालकों को PUC की वैधता बनाए रखना जरूरी होता है. अब सरकारी विभागों की गाड़ियों पर भी इसी नियम का पालन सुनिश्चित किया जाएगा. इसमें सरकारी विभागों के वाहन, पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों के वाहन और सरकार द्वारा किराए पर लिए गए वाहन भी शामिल हो सकते हैं.
बिना PUC पकड़े जाने पर भारी जुर्माना….
दिल्ली में वैध PUC के बिना वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है. NGT के ताजा निर्देशों के बाद सरकारी वाहनों पर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की संभावना है. इसका सीधा मतलब है कि सरकारी वाहन होने के आधार पर नियमों से छूट मिलने की उम्मीद नहीं होगी.
पुरानी गाड़ियों को लेकर भी सख्ती….
दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर पहले से ही सख्त नियम लागू हैं. दिए गए विवरण के मुताबिक, 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को PUC जारी नहीं किया जाता. यह व्यवस्था सरकारी और निजी दोनों तरह के वाहनों पर लागू होती है. दिल्ली में बड़ी संख्या में PUC सेंटर मौजूद हैं, जहां वाहनों की प्रदूषण जांच कराई जाती है.
आम वाहन मालिकों के लिए क्या संदेश….?
NGT का यह कदम सिर्फ सरकारी वाहनों तक सीमित संदेश नहीं देता, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को लेकर व्यापक सख्ती की ओर भी इशारा करता है. अगर आप निजी वाहन चलाते हैं तो अपने वाहन का PUC सर्टिफिकेट समय पर अपडेट कराना जरूरी है. सरकारी विभागों के लिए भी अब यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि उनके बेड़े में शामिल प्रत्येक वाहन के जरूरी दस्तावेज और PUC प्रमाणपत्र वैध हों.
क्यों महत्वपूर्ण है NGT का यह फैसला….?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है. ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है. NGT का निर्देश इसी सिद्धांत को मजबूत करता है कि नियम सभी वाहनों पर समान रूप से लागू होने चाहिए.….
