🚆 राजधानी एक्सप्रेस की बेस किचन में छापा! जांच में 1,383 पैकेट एक्सपायर्ड पोहा, उपमा समेत कई खाद्य पदार्थ मिले। रेलवे ने फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस को खाना सप्लाई करने वाली बेस किचन में रेलवे की अचानक जांच के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई. यहां एक्सपायरी डेट पार कर चुके पोहा, उपमा समेत कई खाद्य पदार्थ मिले…..
राजधानी एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. रेलवे की स्पेशल फूड विजिलेंस टीम ने स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस को खाना सप्लाई करने वाली बेस किचन पर अचानक छापेमारी की. जांच के दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बरामद की गई. रेलवे के मुताबिक, बेस किचन से कुल 1,383 पैकेट एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ मिले. इनमें हल्दीराम के पोहा और उपमा के अलावा छोले मसाला और सूजी के पैकेट भी शामिल हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने संबंधित फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है…..
अचानक हुई जांच में खुली पोल…..
यह कार्रवाई अहमदाबाद डिवीजन की रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स की ओर से की गई. टीम ने बिना पूर्व सूचना के बेस किचन का निरीक्षण किया. इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, साफ-सफाई और यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन से जुड़े मानकों की जांच की गई. रेलवे की ओर से बताया गया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खाने की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है.
1,383 पैकेट एक्सपायर्ड खाना मिला :-
जांच के दौरान बरामद खाद्य सामग्री में सबसे ज्यादा पैकेट पोहा और उपमा के थे….
- 369 पैकेट हल्दीराम पोहा
- 984 पैकेट हल्दीराम उपमा
- 24 पैकेट हल्दीराम छोले मसाला
- 6 पैकेट फॉर्च्यून सूजी
इस तरह कुल 1,383 पैकेट एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेस किचन में मिली.
यात्रियों को परोसे जाने का था खतरा…..
सबसे गंभीर सवाल यह है कि एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ बेस किचन में क्यों रखे गए थे. ये सामान ट्रेन में यात्रियों को परोसे जाने के लिए इस्तेमाल हो सकता था. रेलवे की अचानक हुई जांच के बाद इस सामग्री को पकड़ा गया. लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में खाने की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है.
फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना…..
रेलवे प्रशासन ने मामले में सख्त कदम उठाते हुए संबंधित फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है. रेलवे की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि आगे भी बेस किचन और ट्रेन में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की अचानक जांच जारी रहेगी.
यात्रियों की सुरक्षा पर रेलवे का फोकस…..
इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सवाल सामने आया है कि रेलवे की ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी कितनी जरूरी है. खासकर राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों से भोजन के लिए शुल्क लिया जाता है, इसलिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है. रेलवे की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि बेस किचन और फूड सर्विस प्रोवाइडर्स खाद्य सामग्री की एक्सपायरी, स्टोरेज और साफ-सफाई को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे…..
