बंगाल में निवेश पर ब्रेक: दुर्गापुर से PM मोदी ने ममता सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में निवेश और विकास को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। 5,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के मौके पर उन्होंने कहा कि बंगाल में निवेश ठप हो गया है। इसके पीछे उन्होंने ममता बनर्जी सरकार और TMC के ‘गुंडा टैक्स’ को जिम्मेदार ठहराया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि बंगाल की भ्रष्ट राजनीति और भय के माहौल ने राज्य में निवेश की संभावनाओं को खत्म कर दिया है।
दुर्गापुर: इस्पात नगरी से निवेश की उम्मीद

पीएम मोदी ने दुर्गापुर को भारत की श्रमशक्ति का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से निवेश को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, उनसे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और गैस आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह सब मिलकर बंगाल में निवेश की संभावनाओं को फिर से जिंदा करेगा।
विकसित भारत के लिए तीन मूल मंत्र
प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए तीन मूल मंत्र दिए—विकास से सशक्तिकरण, रोजगार से आत्मनिर्भरता, और संवेदनशीलता से सुशासन। उन्होंने कहा कि इसी विज़न के तहत हर राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और पश्चिम बंगाल इसका बड़ा हिस्सा बन सकता है।
दुर्गापुर और रघुनाथपुर की फैक्ट्रियों में निवेश का बूस्ट
मोदी ने बताया कि दुर्गापुर और रघुनाथपुर की फैक्ट्रियों को नई तकनीक से अपग्रेड करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इससे उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। यह सीधे तौर पर बंगाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा।
बंगाल के युवाओं का पलायन और निवेश की जरूरत

पीएम ने कहा कि बंगाल में एक समय पर लोग रोजगार की तलाश में आते थे, लेकिन अब यहां से युवा दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि यहां निवेश नहीं हो रहा। उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा की सरकार आई तो बंगाल को निवेश और विकास की रफ्तार मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर: निवेश की नींव
उन्होंने कहा कि भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, रेल, गैस, हवाई अड्डे—ने दुनिया को आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि बंगाल में भी इसी तरह का मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में बड़ा निवेश आए। दुर्गापुर की परियोजनाएं इसी नई सोच का हिस्सा हैं।
