
न्यूयॉर्क, 17 अक्टूबर ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक से पहले ट्रंप ने रूस के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को सुधारने के संकेत दिए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं से अपील की है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कठोर टैरिफ लगाने वाले विधेयक को फिलहाल रोका जाए।
ट्रंप ने कहा, “सीनेट में रिपब्लिकन नेता जॉन थुन द्वारा प्रस्तावित 500% दंडात्मक टैरिफ वाला विधेयक इस समय सही कदम नहीं है।” उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह जॉन थुन और हाउस स्पीकर माइक जॉनसन से इस बारे में बात करेंगे ताकि एक सही निर्णय लिया जा सके।
ट्रंप ने यह बयान पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद दिया। वहीं, सीनेटर जॉन थुन और लिंडसे ग्राहम ने इस प्रस्तावित कानून का समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैक्स लगाया जाए। इस बिल को दोनों पार्टियों का समर्थन मिला है, जिसमें 84 सीनेटर और 100 हाउस मेंबर इसके पक्ष में हैं।
अगर यह कानून लागू हुआ तो इससे वॉशिंगटन की कूटनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि चीन, तुर्की और यूरोपीय संघ जैसे देश अभी भी रूस से ऊर्जा आयात करते हैं। यहां तक कि अमेरिका खुद भी रूस के साथ 5.2 अरब डॉलर का व्यापार करता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप और पुतिन की अगली मुलाकात बुडापेस्ट में अगले दो हफ्तों में हो सकती है। ट्रंप ने कहा, “देखते हैं क्या होता है। यह बैठक इतनी सकारात्मक हो सकती है कि हम शांति हासिल कर लें — और यही हमारी प्राथमिकता है।”
गौरतलब है कि ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर दंडात्मक शुल्क केवल भारत पर लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत जल्द रूस से तेल की खरीद बंद करेगा। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस तरह की किसी बातचीत की पुष्टि नहीं की है।
