पहलगाम हमले पर मलेशिया PM के बयान से पाकिस्तान में हलचल! 🌍 बिलावल भुट्टो ने की तारीफ, भारत पर साधा निशाना।

पहलागाम आतंकी हमले को लेकर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के एक बयान पर पाकिस्तान में राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनवर इब्राहिम ने एक इंटरव्यू में कहा कि मलेशिया की सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें पहलगाम हमले में पाकिस्तान सरकार की किसी संलिप्तता की जानकारी नहीं दी है। मलेशियाई प्रधानमंत्री के इस बयान को पाकिस्तान के नेताओं ने अपने पक्ष में देखा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने अनवर इब्राहिम के बयान की सराहना करते हुए भारत पर गंभीर आरोप लगाए।
अनवर इब्राहिम ने क्या कहा…..?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एक इंटरव्यू में पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े सवालों का जवाब दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उनसे पूछा गया कि क्या पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान की साजिश थी। इस पर उन्होंने कहा कि मलेशिया की सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें आतंकवादी गतिविधि में पाकिस्तान सरकार की किसी संलिप्तता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। उनका यह बयान पाकिस्तान में तेजी से चर्चा में आया और सोशल मीडिया पर भी इसका क्लिप वायरल होने लगा। इस बयान को पहलगाम हमले की जिम्मेदारी या जांच पर अंतिम अंतरराष्ट्रीय निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह मलेशियाई प्रधानमंत्री द्वारा अपने देश की सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर दिया गया बयान बताया गया है।
बिलावल भुट्टो ने क्या कहा…..?
अनवर इब्राहिम के बयान के बाद PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने उनकी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि इस बयान से भारत का पक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हुआ है। बिलावल ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने कथित तौर पर गलत आधार पर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने भारत से सीजफायर के दौरान की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत करने की अपील भी की। बिलावल ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत को जरूरी बताया।
पहलगाम हमले पर भारत का रुख…..
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी संगठनों को मिलने वाले समर्थन का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। इसी बीच 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जारी नई दिल्ली घोषणा में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने की बात सामने आई है। घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की जरूरत पर जोर दिया गया। साथ ही आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई।
ब्रिक्स ने आतंकवाद के खिलाफ क्या कहा…..?
ब्रिक्स देशों ने अपने घोषणापत्र में कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। घोषणापत्र में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों और उन्हें समर्थन देने वालों को जवाबदेह ठहराने तथा संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता भी बताई गई।
ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म एक्शन प्लान पर भी जोर…..
ब्रिक्स के तहत आतंकवाद से निपटने के लिए पहले से कई तंत्र काम कर रहे हैं। नई दिल्ली घोषणा में BRICS Counter-Terrorism Working Group और उसके विभिन्न उप-समूहों की गतिविधियों का स्वागत किया गया। इसके साथ ही ब्रिक्स काउंटर-टेररिज्म स्ट्रेटजी, एक्शन प्लान और वर्किंग ग्रुप के पोजिशन पेपर के आधार पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में भी आगे बढ़ने की बात कही।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बयान अहम…..
मलेशियाई प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब पहलगाम हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का मुद्दा लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा में रहा है। एक तरफ भारत आतंकवाद और उसके समर्थन के खिलाफ कड़े अंतरराष्ट्रीय कदमों की मांग करता रहा है, वहीं पाकिस्तान लगातार भारत के आरोपों को खारिज करता रहा है। ऐसे में अनवर इब्राहिम के बयान को पाकिस्तान में अपने पक्ष के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिए जाने से यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा में बना हुआ है। फिलहाल, इस पूरे मामले में अलग-अलग देशों के बयानों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है। पहलगाम हमले को लेकर किसी भी अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक जांच और प्रमाणित जानकारी को ही आधार माना जाना चाहिए।
