
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आचारण न्यूज़)।
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को बुधवार को भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की वर्दी से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित एक समारोह में उन्हें यह सम्मान चिन्ह प्रदान किया। इस मौके पर थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित सेना और रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस सम्मान के साथ नीरज चोपड़ा अब भारतीय सेना के मानद अधिकारी बन गए हैं। राजनाथ सिंह ने नीरज को “भारत की अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा कि नीरज ने खेल के मैदान में जो अनुशासन दिखाया, वही भावना उन्हें सेना के आदर्शों से जोड़ती है।
नीरज चोपड़ा का गौरवशाली सफर
हरियाणा के पानीपत जिले के खांदरा गांव में 24 दिसंबर 1997 को जन्मे नीरज ने वर्ष 2016 में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट में शामिल होकर खेल और सेवा — दोनों क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया।
नीरज ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर के शानदार थ्रो के साथ भारत के लिए पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में रजत पदक और 2023 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
उनकी उपलब्धियों की लंबी सूची में एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स, और डायमंड लीग में कई स्वर्ण पदक शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने 2025 में 90.23 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
राष्ट्रपति ने दिया था मानद कमीशन
नीरज की उत्कृष्ट उपलब्धियों और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 अप्रैल 2025 को उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में मानद कमीशन प्रदान किया था। बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें औपचारिक रूप से यह वर्दी और रैंक बैज प्रदान किया।
नीरज चोपड़ा का बयान
सम्मान मिलने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा,
“भारतीय सेना की वर्दी पहनना मेरे लिए गर्व का क्षण है। यह सम्मान मुझे और अधिक जिम्मेदारी का एहसास कराता है। जैसे मैदान में मैं देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देता हूँ, वैसे ही सेना के इस गौरव को भी हमेशा ऊँचा रखने की कोशिश करूँगा।”
सम्मान और पुरस्कार
नीरज चोपड़ा को अब तक कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें —
- पद्म श्री (2022)
- मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (2021)
- अर्जुन पुरस्कार (2018)
- परम विशिष्ट सेवा पदक (2024)
- विशिष्ट सेवा पदक (2023)
शामिल हैं।
देश के लिए गौरव का क्षण
नीरज की यह उपलब्धि न केवल खेल जगत बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनका यह नया अध्याय इस बात का प्रतीक है कि खेल और सेवा — दोनों ही रूपों में देश की प्रतिष्ठा बढ़ाई जा सकती है।
