
इस्लामाबाद, 26 मार्च। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में अपने पिता से मिलने की अपील करने के बाद पाकिस्तान सरकार की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
यूएन में उठाया गया इमरान खान का मुद्दा
दरअसल, कासिम खान ने बुधवार को यूएनएचआरसी में कहा था कि इमरान खान के साथ किया जा रहा व्यवहार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों और जीएसपी+ फ्रेमवर्क के तहत पाकिस्तान द्वारा किए गए वादों का उल्लंघन है।
जीएसपी+ फ्रेमवर्क यूरोपीय संघ की एक विशेष व्यापार नीति है, जिसके तहत विकासशील देशों को मानवाधिकार, सतत विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के बदले यूरोपीय बाजार में कई उत्पादों पर शून्य शुल्क की सुविधा दी जाती है।
पाकिस्तान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर राजनीतिक दल को आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन देश की प्रतिष्ठा को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कोई भी राजनीतिक नेता पाकिस्तान से बड़ा नहीं है।”
पीटीआई पर देश की छवि खराब करने का आरोप
तरार ने पीटीआई पर आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक असहमति की आड़ में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि विरोधियों द्वारा देश का मजाक उड़ाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कासिम पर कसा तंज
कासिम खान के भाषण पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने तंज कसते हुए कहा,
“यह कोई एक बार की घटना नहीं है। काश वह बिना कागज के ऐसा बोलते, लेकिन कोई बात नहीं, वह बच्चा है। किसी ने उसके लिए यह लिख दिया होगा।”
पहले भी लगाए आरोप
तरार ने यह भी दावा किया कि पीटीआई पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठा चुकी है।
उन्होंने कहा कि पीटीआई ने 2022 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को पत्र लिखकर पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज न देने की अपील की थी।
