
ढाका, 26 मार्च। बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आरोप लगाया कि कुछ घरेलू और विदेशी समर्थन प्राप्त स्वतंत्रता-विरोधी ताकतें 1971 के मुक्ति संग्राम के आदर्शों को मिटाने की साजिश कर रही हैं।
देश कठिन दौर से गुजर रहा है
अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में शेख हसीना ने कहा कि देश इस समय एक कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा,
“कई बाधाओं को पार कर देश को समृद्धि की ओर ले जाने के बाद अब कुछ स्वतंत्रता-विरोधी शक्तियां हमारी उपलब्धियों को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।”
1971 की भावना फिर जागेगी
हसीना ने कहा कि बांग्लादेश ने कभी भी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया है।
उन्होंने कहा कि 1971 में राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में बंगाल के लोगों ने अवामी लीग के साथ मिलकर बहादुरी से मुक्ति संग्राम लड़ा और विजय हासिल की थी।
उन्होंने विश्वास जताया कि उसी देशभक्ति और एकता की भावना के साथ बांग्लादेश के लोग एक बार फिर साजिशों के खिलाफ खड़े होंगे।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश हर वर्ष 26 मार्च को स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाता है।
इस दिन उन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिया जाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
1971 के संघर्ष की याद
बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष 26 मार्च 1971 की सुबह शुरू हुआ था। इससे एक दिन पहले 25 मार्च 1971 की रात पाकिस्तानी सेना द्वारा निहत्थे बांग्लादेशियों पर क्रूर कार्रवाई की गई थी, जिसे आज ‘नरसंहार दिवस’ के रूप में याद किया जाता है।
पिता की विरासत को किया याद
शेख हसीना ने अपने पिता और बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके अदम्य नेतृत्व में ही बांग्लादेश ने स्वतंत्रता प्राप्त की।
उन्होंने मुक्ति संग्राम के अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं, तीन मिलियन शहीदों, आयोजकों और उन महिलाओं को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पाकिस्तानी अत्याचारों का सामना किया।
ऐतिहासिक संदेश का किया जिक्र
हसीना ने 26 मार्च 1971 को बंगबंधु द्वारा दिए गए संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि यह संदेश ही बांग्लादेश के जन्म की घोषणा बना था।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने देशवासियों और विदेशों में रह रहे सभी बांग्लादेशियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
