
सोल, 28 मार्च।
अमेरिकी विदेश विभाग ने जानकारी दी है कि पब्लिक डिप्लोमेसी के लिए अवर सचिव सारा रोजर्स जल्द ही दक्षिण कोरिया और जापान का दौरा करेंगी। इस दौरे का उद्देश्य अमेरिका के शिपबिल्डिंग वर्कफोर्स डेवलपमेंट को समर्थन देने के लिए साझेदारी को मजबूत करना और विभिन्न द्विपक्षीय व बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करना है।
सरकारी और निजी क्षेत्र के नेताओं से मुलाकात
शुक्रवार से गुरुवार तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान सारा रोजर्स टोक्यो और सोल जाएंगी। यहां वे सरकारी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगी।
इसके अलावा वह बोलने की आजादी और डिजिटल स्वतंत्रता की रक्षा के प्रति वॉशिंगटन की प्रतिबद्धता को भी दोहराएंगी।
सोल में पब्लिक डिप्लोमेसी डायलॉग का नेतृत्व
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, सोल में रोजर्स दूसरे दक्षिण कोरिया-अमेरिका पब्लिक डिप्लोमेसी डायलॉग का नेतृत्व करेंगी।
इस दौरान वे यूएस एक्सचेंज प्रोग्राम के पूर्व छात्रों से भी मुलाकात करेंगी और अमेरिकी शिपबिल्डिंग वर्कफोर्स डेवलपमेंट को समर्थन देने के लिए नई साझेदारियों को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि यह दौरा डिजिटल आजादी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, लोगों के बीच संबंध मजबूत करने और पब्लिक डिप्लोमेसी को आर्थिक व क्षेत्रीय सुरक्षा लक्ष्यों से जोड़ने में मदद करेगा।
टोक्यो में भी कई अहम कार्यक्रम
टोक्यो में सारा रोजर्स अपने जापानी समकक्ष से मुलाकात करेंगी। इसके साथ ही वह जापानी ग्रैंड प्रिक्स के दौरान अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी भाग लेंगी।
इसके अलावा वह दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के युवा नेताओं के कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा करेंगी।
स्पेस डिफेंस सहयोग बढ़ाने की पहल
इस बीच, अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्पेस सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए नया कानून लाने की घोषणा की है।
प्रस्तावित ‘इंडो-पैसिफिक स्पेस पार्टनरशिप एक्ट 2026’ के तहत अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगी देशों को मल्टीनेशनल स्पेस डिफेंस कोएलिशन में शामिल करने की योजना है।
इसके तहत यूएस स्पेस फोर्स के चीफ ऑफ स्पेस ऑपरेशंस को ‘ऑपरेशन ओलंपिक डिफेंडर’ नामक बहुराष्ट्रीय कार्यक्रम को विस्तार देने की संभावना पर कांग्रेस को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
