
नई दिल्ली, 9 मार्च। गौतम गंभीर कोचिंग में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टीम इंडिया ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।
इस जीत में भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति और नेतृत्व की भी अहम भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में भारत ने करीब एक साल के भीतर दो आईसीसी टूर्नामेंट जीतने का कारनामा किया है।
एक साल में दो आईसीसी खिताब
टीम इंडिया ने 9 मार्च 2025 को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट पर 251 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारत ने 49 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया था।
इसके लगभग एक साल बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 255 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर ही सिमट गई।
खिलाड़ी के तौर पर भी रहे वर्ल्ड कप हीरो
गौतम गंभीर का वर्ल्ड कप इतिहास भी बेहद खास रहा है।
- टी20 वर्ल्ड कप 2007 के फाइनल में उन्होंने 75 रन की अहम पारी खेली थी।
- वनडे वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में 97 रन बनाकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
कोच और मेंटॉर के रूप में भी सफलता
गंभीर ने न सिर्फ खिलाड़ी के रूप में बल्कि कोच और मेंटॉर के तौर पर भी अपनी रणनीतिक क्षमता साबित की है।
- कप्तान के रूप में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 2012 और 2014 में आईपीएल चैंपियन बनाया।
- मेंटॉर के तौर पर लखनऊ सुपर जायंट्स को 2022 और 2023 में प्लेऑफ तक पहुंचाया।
- 2024 में उनकी मेंटॉरशिप में केकेआर एक बार फिर आईपीएल चैंपियन बनी।
2024 में बने टीम इंडिया के हेड कोच
गौतम गंभीर को साल 2024 में भारतीय टीम का हेड कोच बनाया गया था। शुरुआती दौर में टीम को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में उनकी रणनीति और युवा खिलाड़ियों पर भरोसे ने टीम को नई दिशा दी।
उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने आक्रामक और संतुलित क्रिकेट खेलते हुए एक साल में दो आईसीसी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
