Mumbai Rain: भारी बारिश से डूबी मुंबई, जगह-जगह जलभराव ने BMC के दावों की खोली पोल

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भारी बारिश ने एक बार फिर महानगर की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि कई जगहों पर लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा।
बारिश के साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मानसून पूर्व तैयारियों और नालों की सफाई के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद मुंबई में जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कई इलाकों में सड़कों पर भरा पानी
मूसलाधार बारिश के बाद मुंबई के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। ऑफिस जाने वाले लोगों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई क्षेत्रों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। सोशल मीडिया पर भी जलभराव की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
लोकल ट्रेन और ट्रैफिक पर असर
मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी बारिश का असर देखने को मिला। कुछ रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा।
वहीं सड़क मार्ग पर भी लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा।
BMC की तैयारियों पर उठे सवाल
हर वर्ष मानसून से पहले BMC द्वारा नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए जाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन बारिश शुरू होते ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया होता तो सड़कों पर इतना पानी जमा नहीं होता।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। लगभग हर वर्ष भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में यही स्थिति देखने को मिलती है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लोगों का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में हर साल बारिश के दौरान बुनियादी सुविधाओं का चरमरा जाना चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि इस बार BMC जलभराव की समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
