₹379 के खाने पर ₹744 डिलीवरी चार्ज! 😲 Zomato का बिल देखकर यूजर के उड़े होश, कूपन के बाद भी देने पड़े ₹1166. जानिए पूरा मामला।

ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पड़ा महंगा, अलग-अलग चार्ज जुड़ने के बाद बिल पहुंचा ₹1306; कूपन लगाने पर भी ₹1166 देने पड़े…..
ऑनलाइन फूड डिलीवरी ने खाना मंगाने की सुविधा तो काफी बढ़ा दी है, लेकिन कई बार इसके साथ जुड़ने वाले अतिरिक्त चार्ज ग्राहकों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहां ₹379 के खाने के ऑर्डर पर ₹744 का डिलीवरी चार्ज दिखाई दिया। अलग-अलग शुल्क और टैक्स जुड़ने के बाद बिल ₹1306.40 तक पहुंच गया। हालांकि, रेस्त्रां का कूपन लगाने के बाद ग्राहक को ₹1166 का भुगतान करना पड़ा।
₹379 के खाने का बिल पहुंचा ₹1306….
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने अपने Zomato ऑर्डर का बिल शेयर किया। बिल के मुताबिक, खाने की कीमत सिर्फ ₹379 थी। लेकिन इसके साथ ₹744 का डिलीवरी चार्ज जोड़ दिया गया। इसके अलावा बिल में ₹19 पैकेजिंग चार्ज, ₹14.90 प्लेटफॉर्म चार्ज और ₹149.50 GST भी शामिल था। इन सभी शुल्कों को जोड़ने के बाद कुल बिल ₹1306.40 हो गया। ग्राहक ने रेस्त्रां का कूपन इस्तेमाल किया, जिसके बाद अंतिम रकम घटकर ₹1166 रह गई। इतनी ज्यादा डिलीवरी फीस देखकर यूजर ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि क्या खाना फ्लाइट से डिलीवर किया जाएगा।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी में क्यों बढ़ जाता है बिल….?
दरअसल, रेस्त्रां में जाकर खाना खाने पर ग्राहक को मुख्य रूप से खाने की कीमत और लागू टैक्स का भुगतान करना होता है। वहीं ऑनलाइन ऑर्डर करते समय कई तरह के अतिरिक्त शुल्क जुड़ सकते हैं। इनमें डिलीवरी चार्ज, प्लेटफॉर्म फीस, पैकेजिंग चार्ज और टैक्स शामिल हो सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में डिलीवरी शुल्क दूरी, मांग, समय या अन्य परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
खराब मौसम में भी लग सकता है अतिरिक्त चार्ज….
ऑनलाइन फूड डिलीवरी का बिल कई बार मौसम की स्थिति से भी प्रभावित हो सकता है। बारिश जैसे खराब मौसम में कुछ प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। ऐसे में ग्राहक को ऑर्डर करने से पहले बिल का पूरा ब्रेकअप जरूर देख लेना चाहिए।
ऑर्डर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान….
अगर आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं तो सिर्फ खाने की कीमत देखकर ऑर्डर न करें। भुगतान करने से पहले डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म चार्ज, पैकेजिंग शुल्क, टैक्स और लागू कूपन जरूर जांच लें। इस वायरल मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कम कीमत के खाने पर बहुत ज्यादा अतिरिक्त शुल्क लगने से ऑनलाइन फूड डिलीवरी कितनी महंगी हो सकती है। हालांकि, किसी भी एक ऑर्डर के आधार पर पूरे प्लेटफॉर्म की सामान्य चार्जिंग व्यवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
