22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 🌧️ तेज हवाओं के साथ बढ़ेगा मौसम का खतरा, किसानों को भी किया गया अलर्ट......

देशभर में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है, जबकि मौसम विभाग ने 15 सितंबर को 22 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और कई जगहों पर आकाशीय बिजली का खतरा भी बताया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना…..
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से सौराष्ट्र और कच्छ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गुजरात के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 सितंबर के बाद अगले 24 घंटे तक इन इलाकों में बारिश का असर बना रह सकता है।
15 सितंबर को 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट…..
मौसम विभाग ने 15 सितंबर को जिन राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वी भारत तक कई राज्य शामिल हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के झोंके आने की आशंका है।
80 KM प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार…..
बारिश के साथ तेज आंधी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा के झोंकों की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं से बड़े पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी है।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और बिजली का खतरा…..
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में आकाशीय बिजली और वज्रपात का भी अलर्ट है। बारिश के कारण नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं का असर…..
बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं की स्थिति बनने की संभावना है। इसका प्रभाव पूर्वी भारत के कई राज्यों में दिखाई दे सकता है। वहीं, असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर विदर्भ के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके चलते मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
किसानों के लिए भी विशेष अलर्ट…..
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज बारिश और हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए फसल और कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवा के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना भी जरूरी है।
19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी के संकेत…..
मौसम विभाग के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लग सकती हैं। हालांकि, देश के कई अन्य हिस्सों में बारिश का असर अभी जारी रहने की संभावना है। फिलहाल 15 सितंबर को 22 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
