प्रस्तावना

भारतीय वेटलिफ्टिंग की स्टार मीराबाई चानू ने एक बार फिर विश्व स्तर पर भारत का मान बढ़ाया। नॉर्वे के फोर्ड में चल रही वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनके करियर का तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल है।
मुकाबले की झलक
- गोल्ड मेडल: उत्तर कोरिया की री सोंग-गम ने कुल 213 किलोग्राम (91 किग्रा स्नैच + 122 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर गोल्ड जीता और नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।
- सिल्वर मेडल: भारत की मीराबाई चानू ने कुल 199 किग्रा (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया।
- ब्रॉन्ज मेडल: थाईलैंड की थान्याथोन सुकचातरोएन ने 198 किग्रा (88 + 110) के साथ तीसरा स्थान पाया।
मीराबाई की शानदार वापसी

- पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद मीराबाई चानू ने अगस्त में हुए कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर दमदार वापसी की थी।
- इस बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने अपने अनुभव और लय से शानदार प्रदर्शन किया।
- हालांकि 87 किग्रा स्नैच में उनके दो प्रयास असफल रहे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में उन्होंने शानदार 109, 112 और 115 किग्रा उठाकर सिल्वर पक्का किया।
करियर की झलक
- 2017 (अनाहेम) – 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड।
- 2022 (बोगोटा) – 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर।
- 2025 (फोर्ड) – 48 किग्रा वर्ग में सिल्वर।
इस उपलब्धि के साथ मीराबाई चानू वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
भारत का प्रदर्शन और दल
भारत ने इस चैंपियनशिप के लिए 14 सदस्यीय दल भेजा है।
- महिला वर्ग: मीराबाई चानू (48 किग्रा), कोयल बार (53 किग्रा), बिंद्यारानी देवी (58 किग्रा), निरुपमा देवी (63 किग्रा), हरजिंदर कौर (69 किग्रा), वंशिता वर्मा (86 किग्रा), महक शर्मा (86+ किग्रा)।
- पुरुष वर्ग: टीम का नेतृत्व कॉमनवेल्थ गेम्स ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवप्रीत सिंह कर रहे हैं।
चैंपियनशिप और भविष्य
- वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 11 अक्टूबर तक चलेगी।
- यह अगले साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाइंग इवेंट भी है।
- मीराबाई का प्रदर्शन भारत की उम्मीदों को और मजबूत करता है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी देश मेडल झोलेगा।
सोशल मीडिया और प्रतिक्रियाएँ
- भारतीय फैंस ने ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #MirabaiChanu और #WWC2025 ट्रेंड कराकर उन्हें बधाइयाँ दीं।
- खेल मंत्री से लेकर खेल विशेषज्ञों तक सभी ने उनके प्रदर्शन को “प्रेरणादायक” और “ऐतिहासिक” बताया।
- चानू के कोच ने कहा कि उनकी फिटनेस और आत्मविश्वास पहले से ज्यादा मजबूत है।
समग्र विश्लेषण
- मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारत की वेटलिफ्टिंग क्वीन हैं।
- गोल्ड भले ही उत्तर कोरिया के पास गया हो, लेकिन चानू का सिल्वर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
- इस प्रदर्शन से भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का मनोबल भी ऊँचा हुआ है।
