
नई दिल्ली, 2 मार्च। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ छठी बार टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल खेलेगी। हालांकि, घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी सुपर-8 तक का सफर भारतीय टीम के लिए आसान नहीं रहा।
बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
टूर्नामेंट की शुरुआत में ही अमेरिका के खिलाफ मैच में भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी उजागर हो गई थी। 77 रन पर छह प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। उस मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव की 84 रन की पारी ने टीम को संभाला।
नामीबिया के खिलाफ ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने निराश किया। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन (77 रन) और सूर्या (32 रन) को छोड़ दें तो अन्य बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे।
सुपर-8 में और बिगड़ी स्थिति
सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की मजबूत मानी जाने वाली बल्लेबाजी महज 111 रन पर सिमट गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ जरूर टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन निरंतरता की कमी साफ दिखी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने 97 रन की शानदार पारी खेली, पर अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन औसत रहा।
स्टार खिलाड़ियों से निराशा
अभिषेक शर्मा से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन छह मैचों में वह सिर्फ 80 रन ही बना सके। तीन मैचों में तो वह खाता भी नहीं खोल पाए।
सूर्यकुमार यादव का स्ट्राइक रेट भी इस टूर्नामेंट में 135 के आसपास रहा, जो उनके आक्रामक खेल के हिसाब से कम माना जा रहा है। हार्दिक पांड्या भी बड़े मौकों पर प्रभाव नहीं छोड़ सके।
ईशान किशन रहे सबसे भरोसेमंद
पूरे टूर्नामेंट में ईशान किशन ही ऐसे बल्लेबाज रहे, जिनके प्रदर्शन में निरंतरता नजर आई।
भारत को 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उतरना है। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में यदि बल्लेबाजी क्रम एकजुट होकर प्रदर्शन नहीं करता, तो यह कमजोरी टीम पर भारी पड़ सकती है।
