
गांधीनगर, 31 मार्च।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर गांधीनगर के कोबा तीर्थ में स्थित सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया।
इससे पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने किया।
संग्रहालय में 2000 से ज्यादा दुर्लभ कलाकृतियां
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित कलाकृतियों का अवलोकन किया। इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, विशाल तीर्थ पट्टा और यंत्र पट्टा, लघु चित्र, चांदी के रथ, प्राचीन सिक्के और दुर्लभ पांडुलिपियां शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार संग्रहालय के विशाल हॉल में 2,000 से अधिक दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जो जैन दर्शन और परंपराओं से जुड़ी सदियों पुरानी धरोहरों को संरक्षित करती हैं।
आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक विरासत
संग्रहालय में पारंपरिक प्रदर्शनों को आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-विजुअल तकनीक के साथ जोड़ा गया है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों को जैन धर्म के इतिहास और विकास को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।
जैन धर्म की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन
यह संग्रहालय सम्राट संप्रति के नाम पर स्थापित किया गया है, जो सम्राट अशोक के पौत्र थे और जैन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा अहिंसा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं।
महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, जिनमें भारत की सभ्यतागत परंपराओं और जैन धर्म के विकास को प्रदर्शित किया गया है।
ऐतिहासिक धरोहरों का अनूठा संग्रह
संग्रहालय की सात भव्य दीर्घाओं में सदियों पुराने अवशेषों और जैन कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें पत्थर और धातु की मूर्तियां, तीर्थ पट्टा, यंत्र पट्टा, लघु चित्रकारी, चांदी के रथ, प्राचीन सिक्के और पांडुलिपियां शामिल हैं।
इन दुर्लभ धरोहरों के जरिए आगंतुक जैन धर्म के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक प्रभाव की एक विस्तृत झलक देख सकेंगे।
