प्रस्तावना

ग्रेटर नोएडा में चल रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 नवाचार, परंपरा और उद्यमिता का संगम साबित हो रहा है। चौथे दिन तक इस मेगा आयोजन में कुल 4,00,467 विजिटर्स शामिल हुए। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इस ट्रेड शो ने न केवल कारोबारियों और निवेशकों को आकर्षित किया, बल्कि युवाओं और आम दर्शकों को भी उत्साह से जोड़े रखा।
चौथे दिन का आकर्षण

- चौथे दिन 1,34,938 दर्शक पहुंचे।
- इनमें 36,307 बी2बी विजिटर्स और 98,631 बी2सी विजिटर्स शामिल रहे।
- दिनभर सेमिनार, पैनल डिस्कशन, पुरस्कार समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चलती रहीं।
- आयोजन एक उत्सव जैसा माहौल लेकर आया।
पैनल चर्चा और शिक्षा पर जोर
गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित पैनल चर्चा ने युवाओं और शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया।
- विशेषज्ञों ने कहा कि पाठ्यक्रम को उद्योगों की जरूरत के अनुसार ढालना चाहिए।
- इंटर्नशिप और व्यावसायिक प्रशिक्षण को शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बनाने की जरूरत बताई गई।
- इससे कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सीएम युवा कॉन्क्लेव: युवाओं का मंच
- युवा कॉन्क्लेव में 113 स्टॉल लगे।
- इनमें 49 फ्रेंचाइज ब्रांड, 64 मशीनरी सप्लायर और 26 बिजनेस ऑन व्हील्स शामिल रहे।
- अब तक 8,300 से ज्यादा बिजनेस इनक्वायरी और 7,500 पंजीकरण दर्ज किए गए।
- यह मंच युवाओं के लिए स्टार्टअप और नए बिजनेस आइडियाज को आगे बढ़ाने का केंद्र बना।
खास मेहमान और बयान
राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स ने ट्रेड शो का दौरा किया।
उन्होंने कहा:
“यहां उमड़ी युवाओं की भीड़ बताती है कि यूपी का युवा सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने का साहस भी रखता है। यह आयोजन रोजगार के नए दरवाजे खोल रहा है। इसकी अवधि और बढ़ाई जानी चाहिए।”
स्टॉल और प्रदर्शनी की झलक
- यूपी पुलिस, पर्यटन, नमामि गंगे, ओडीओपी, जेसीएस हनी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के स्टॉल दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं।
- चौथे दिन भी बी2बी मीटिंग्स लगातार चलती रहीं।
- टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के उत्पादों ने विदेशी खरीदारों को आकर्षित किया।
- विशेष रूप से ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पादों ने उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत किया।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
1. रोजगार के अवसर
यह आयोजन न केवल कारोबार बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।
2. उद्यमिता को बढ़ावा
युवा उद्यमियों को मंच मिल रहा है, जहां वे अपने विचारों को निवेशकों तक पहुंचा पा रहे हैं।
3. सांस्कृतिक पहचान
खादी, हैंडीक्राफ्ट और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ा रही है।
भविष्य की संभावनाएं

- आयोजन की सफलता को देखते हुए इसकी अवधि और बढ़ाने की मांग उठ रही है।
- विदेशी निवेशकों और कारोबारियों की बढ़ती रुचि से यूपी के निर्यात और व्यापार को नई दिशा मिल सकती है।
- यह आयोजन उत्तर प्रदेश को ग्लोबल ट्रेड और इनोवेशन के हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 केवल एक व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि यह कौशल विकास, युवा उद्यमिता और परंपरागत विरासत का उत्सव है। 4 लाख से अधिक विजिटर्स का आना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश की क्षमता और संभावनाओं को दुनिया पहचान रही है। यह आयोजन आने वाले वर्षों में प्रदेश को उद्योग और व्यापार के मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिला सकता है।
