HDFC Bank ने अपने ही CEO और CFO पर लगाया ₹1-1 लाख का जुर्माना! जानिए आखिर क्यों उठाना पड़ा बैंक को यह बड़ा कदम।

देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank ने अपने ही शीर्ष अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए CEO शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड अरविंद वोहरा पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। बैंक ने यह कार्रवाई एक आंतरिक जांच के बाद की है, जो महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) से जुड़े पुराने डिपॉजिट अरेंजमेंट मामले से संबंधित थी।
क्यों लगाया गया जुर्माना?
HDFC Bank ने वर्ष 2017 और 2021 में MSRDC के साथ हुए डिपॉजिट अरेंजमेंट की समीक्षा के लिए स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की एक विशेष समिति गठित की थी। जांच में यह पाया गया कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, निजी लाभ या बेईमानी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। हालांकि, समिति ने माना कि कुछ मामलों में बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं और तय दायरे से बाहर जाकर फैसले लिए गए थे। इसी आधार पर बैंक के बोर्ड ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाने और चेतावनी पत्र जारी करने का फैसला किया।
अन्य कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई हुई?
बैंक के अनुसार, इस मामले में शामिल अन्य कर्मचारियों को केवल चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी किए गए हैं। साथ ही बैंक ने कहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी दी जाएगी।
क्या था MSRDC मामला?
मई 2026 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने MSRDC से बड़े डिपॉजिट हासिल करने के लिए करीब ₹45 करोड़ का भुगतान किया था, जिसे कथित तौर पर मार्केटिंग खर्च के रूप में दर्ज किया गया। इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि बैंक के शीर्ष अधिकारियों को इन भुगतानों की जानकारी थी। हालांकि, HDFC Bank ने उस समय इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि बैंक में मजबूत ऑडिट और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली लागू है तथा सभी निर्णय निर्धारित नियमों के तहत लिए जाते हैं।
शेयर पर भी दिखा असर :-
इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। खबर सामने आने के बाद HDFC Bank के शेयर में हल्की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब ₹740 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में बैंक के शेयर में लगभग 7.34% की गिरावट दर्ज की गई है।
बैंक ने क्या कहा?
बैंक का कहना है कि आंतरिक जांच में किसी भी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार, गलत मंशा या व्यक्तिगत लाभ का प्रमाण नहीं मिला। यह कार्रवाई केवल आंतरिक प्रक्रियाओं के अनुपालन को मजबूत करने और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
निष्कर्ष….
HDFC Bank द्वारा अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाना यह दर्शाता है कि बैंक आंतरिक जवाबदेही और कॉरपोरेट गवर्नेंस को गंभीरता से ले रहा है। हालांकि जांच में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या निजी लाभ के सबूत नहीं मिले, फिर भी प्रक्रिया संबंधी कमियों को देखते हुए बोर्ड ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आने वाले समय में इस मामले पर RBI और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
