Dabur Neem Toothpaste: डाबर के नीम वाले टूथपेस्ट की पैकेजिंग पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 'NEEM' शब्द को मुख्य ब्रांडिंग के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक।

अगर आप डाबर का नीम वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं तो इससे जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने डाबर इंडिया लिमिटेड को अपने नीम वाले टूथपेस्ट की पैकेजिंग और लेबल पर ‘NEEM’ शब्द को प्रमुख ट्रेडमार्क या मुख्य ब्रांड पहचान के तौर पर इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह मामला ट्रेडमार्क से जुड़े विवाद के बाद सामने आया है। हालांकि कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि डाबर ‘नीम’ शब्द का इस्तेमाल उत्पाद के बारे में बताने के लिए वर्णनात्मक तरीके से कर सकता है, लेकिन इसे पैकेजिंग पर मुख्य ब्रांडिंग के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी।
क्या है पूरा मामला….?
यह विवाद Jyothy Labs Ltd. की ओर से दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे से जुड़ा है। कंपनी ने आरोप लगाया कि डाबर अपने नीम आधारित टूथपेस्ट की पैकेजिंग पर ‘NEEM’ शब्द को इस तरह प्रमुखता से प्रदर्शित कर रहा है कि यह मुख्य ब्रांड पहचान जैसा नजर आता है। ज्योति लैब्स का तर्क था कि इस तरह ‘NEEM’ को प्रमुखता देने से ग्राहकों के बीच उत्पाद की ब्रांड पहचान को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा….?
बॉम्बे हाई कोर्ट में जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर ने अंतरिम अर्जी पर सुनवाई करते हुए डाबर को ‘NEEM’ शब्द को प्रमुख ट्रेडमार्क या केंद्रीय ब्रांड पहचान के रूप में इस्तेमाल करने से रोक दिया। आदेश का मतलब यह नहीं है कि डाबर अपने टूथपेस्ट में नीम का नाम बिल्कुल नहीं लिख सकता। कंपनी उत्पाद की सामग्री या विशेषता बताने के लिए ‘नीम’ शब्द का वर्णनात्मक इस्तेमाल कर सकती है। यानी विवाद मुख्य रूप से शब्द के इस्तेमाल के तरीके और उसकी ब्रांडिंग को लेकर है।
Jyothy Labs ने क्यों जताई आपत्ति….?
Jyothy Labs ने कोर्ट में दलील दी कि ‘NEEM’ शब्द को पैकेजिंग पर प्रमुखता से इस्तेमाल करने से बाजार में ग्राहकों को यह भ्रम हो सकता है कि उत्पाद का संबंध उनके ब्रांड या कारोबार से है। कंपनी का नीम आधारित पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में पुराना कारोबार रहा है। इसी वजह से उसने डाबर की पैकेजिंग और ब्रांडिंग के तरीके पर आपत्ति जताई।
क्या है Jyothy Labs….?
Jyothy Labs भारत की जानी-मानी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी के पोर्टफोलियो में Ujala, Exo, Pril, Maxo और Margo जैसे कई ब्रांड शामिल हैं। कंपनी की शुरुआत 1983 में केरल के त्रिशूर में हुई थी। इसके कारोबार में फैब्रिक केयर, डिशवॉशिंग, घरेलू कीटनाशक और पर्सनल केयर जैसे कई सेगमेंट शामिल हैं।
अब डाबर के पास क्या विकल्प हैं….?
कोर्ट के आदेश के बाद डाबर के सामने आगे कानूनी विकल्प मौजूद हैं। कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकती है और यह तर्क दे सकती है कि ‘नीम’ एक सामान्य और वर्णनात्मक शब्द है। अगर आगे की कानूनी प्रक्रिया में डाबर को राहत नहीं मिलती है, तो कंपनी को अपनी पैकेजिंग में ‘NEEM’ को मुख्य ब्रांड नाम या प्रमुख लोगो की तरह प्रदर्शित करने के तरीके में बदलाव करना पड़ सकता है।
क्या इससे टूथपेस्ट की बिक्री बंद हो जाएगी….?
यह समझना जरूरी है कि कोर्ट के इस आदेश का सीधा मतलब यह नहीं है कि डाबर का नीम वाला टूथपेस्ट बाजार से वापस ले लिया जाएगा या उसकी बिक्री पूरी तरह बंद हो जाएगी। मामला मुख्य रूप से ‘NEEM’ शब्द के ट्रेडमार्क और पैकेजिंग पर उसकी प्रमुखता से इस्तेमाल से जुड़ा है। इसलिए ग्राहकों को फिलहाल यह खबर टूथपेस्ट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के रूप में नहीं समझनी चाहिए।
