Google का भारत में बड़ा AI प्लान! Vizag में 1 GW का AI डेटा सेंटर हब तैयार हो रहा है, जिसका पहला चरण 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। 🇮🇳🤖

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रहा है। इसी बीच Google भारत में अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Vizag) में 1 गीगावाट क्षमता वाला AI डेटा सेंटर हब तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का पहला चरण 2028 तक शुरू हो सकता है। यह हब भारत में Google की AI सेवाओं और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
1 GW क्षमता वाले AI हब पर काम….
Google ने अप्रैल में विशाखापत्तनम में 1 GW AI डेटा सेंटर हब के निर्माण की शुरुआत की थी। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए डेटा सेंटर के साथ-साथ पावर, नेटवर्क और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि शुरुआती चरण को अगले 24 से 30 महीनों में पूरा किया जा सकता है। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार होने में करीब पांच साल तक का समय लग सकता है। Google ने 2025 से 2030 के बीच भारत में करीब 15 अरब डॉलर के निवेश की योजना भी बताई है। ऐसे में Vizag का AI हब कंपनी की भारत-केंद्रित रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
भारत में बढ़ेंगी AI सेवाओं की क्षमता….
भारत में AI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में देश में बड़े स्तर का डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से AI और क्लाउड सेवाओं की क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है। इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से कंपनियों, डेवलपर्स और अन्य डिजिटल सेवाओं को बेहतर कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा AI से जुड़े नए कारोबार और रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
समुद्र के रास्ते बेहतर होगा इंटरनेट कनेक्शन….
Google का प्लान सिर्फ डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है। कंपनी विशाखापत्तनम में नए समुद्री केबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम कर रही है। सी-केबल नेटवर्क के जरिए भारत को ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देशों से बेहतर डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिल सकती है। इससे डेटा ट्रांसफर और इंटरनेशनल नेटवर्क कनेक्शन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
ग्रीन एनर्जी पर भी रहेगा फोकस….
AI डेटा सेंटर में बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। ऐसे में Google के Vizag प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित 1 GW डेटा सेंटर में एयर-कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही पानी की खपत को नियंत्रित रखने की योजना है। इससे कंपनी डेटा सेंटर के विस्तार के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को भी सीमित रखने की कोशिश कर सकती है।
AI के क्षेत्र में भारत के लिए बड़ा कदम….
Google का Vizag AI हब भारत के तेजी से बढ़ते AI इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बड़े डेटा सेंटर, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI कंप्यूटिंग क्षमता के विस्तार से देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिल सकती है। अगर प्रोजेक्ट तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है, तो 2028 तक इसका पहला चरण शुरू होने के बाद भारत AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा सकता है।
