ठाणे के मानपाड़ा स्थित मद्रास चॉल में निर्माणाधीन हिस्सा गिरने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक महिला और एक अन्य बच्चा घायल हो गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मानपाड़ा क्षेत्र के आजाद नगर स्थित मद्रास चॉल में निर्माणाधीन पहली मंजिल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय नीचे मौजूद एक महिला और दो बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक महिला और एक अन्य बच्चा घायल हो गए।
सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग और बचाव दल भी मौके पर पहुंच गया।
मलबे में दबे तीन लोगों को निकाला गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माणाधीन हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे नीचे मौजूद लोग मलबे में दब गए। स्थानीय नागरिकों और दमकल विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और तीनों घायलों को बाहर निकाला।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि 10 वर्षीय जयकुमार जायसवाल को सिविल अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
महिला और बच्चा अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल उर्मिला जायसवाल (30) और 8 वर्षीय विनीत कुमार जायसवाल का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम दोनों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। प्रशासन ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
25 से 30 साल पुरानी बताई जा रही चॉल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मद्रास चॉल लगभग 25 से 30 वर्ष पुरानी है। जिस हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, उसी का एक भाग अचानक गिर गया। अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
हादसे के बाद पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया और आसपास की संरचनाओं की स्थिति का भी आकलन शुरू कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
राहत अभियान पूरा, जांच जारी
अग्निशमन विभाग के उप आयुक्त दिनेश तायडे ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब प्रशासन हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
लोगों में डर और नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में डर और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुराने भवनों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। कई लोगों ने प्रशासन से ऐसे भवनों का सर्वे कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
