राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बड़ा बयान देते हुए चंपत राय की तुलना नाथूराम गोडसे से की और मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इस मामले में अब कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कन्हैया कुमार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि धर्म और कानून दोनों के हिसाब से यदि मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है तो यह एक “महापाप” है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चंपत राय की तुलना नाथूराम गोडसे से
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में चंपत राय की तुलना महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे से करते हुए कहा कि जिस तरह गांधी जी की हत्या के बाद RSS ने नाथूराम गोडसे से दूरी बना ली थी, उसी तरह अब चंपत राय से भी पल्ला झाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के सामने आने के बाद जवाबदेही तय करने के बजाय जिम्मेदार लोगों से दूरी बनाई जा रही है। कन्हैया कुमार का यह बयान सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
RSS और BJP पर लगाए गंभीर आरोप
कन्हैया कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले में RSS और भाजपा के कुछ बयानों ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिया गया दान विश्वास और आस्था का प्रतीक होता है, इसलिए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े विवाद पर सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आनी चाहिए।
ट्रस्ट को भंग करने की मांग
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया तो तत्काल प्रभाव से ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
कन्हैया कुमार ने कहा कि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि यदि कोई बड़ा जिम्मेदार व्यक्ति शामिल है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय पारदर्शिता और जवाबदेही के आधार पर जांच की मांग कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है। हालांकि इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। फिलहाल जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें संबंधित एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
