पश्चिम बंगाल में ब्रेड हुई महंगी! 🍞 450 ग्राम ब्रेड की कीमत ₹32 से बढ़कर ₹36 हुई। 17 अगस्त से नई कीमतें लागू। जानिए कीमत बढ़ने की वजह।

अगर आपके दिन की शुरुआत चाय और ब्रेड से होती है, तो यह खबर आपके घरेलू बजट से जुड़ी है। पश्चिम बंगाल में ब्रेड की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ने के बाद ब्रेड की नई कीमतें 17 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। पश्चिम बंगाल बेकर्स एसोसिएशन के मुताबिक, आटा, चीनी और पैकेजिंग समेत ब्रेड बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों की लागत लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में बेकरी कारोबारियों के लिए पुरानी कीमतों पर ब्रेड बेचना मुश्किल हो गया था।
“450 ग्राम” ब्रेड अब कितने रुपये की मिलेगी….?
पश्चिम बंगाल बेकर्स एसोसिएशन के सीईओ अरिफुल इस्लाम के अनुसार, ब्रेड की कीमत बढ़ाने का फैसला 8 अगस्त को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया था। इसके बाद नई कीमत को 17 अगस्त से लागू कर दिया गया। करीब 450 ग्राम यानी एक पाउंड ब्रेड की कीमत 32 रुपये से बढ़ाकर 36 रुपये कर दी गई है। यानी ग्राहकों को अब एक पैकेट ब्रेड के लिए पहले के मुकाबले 4 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। इस बदलाव का असर राज्य की करीब 3,000 बेकरी पर पड़ने की बात कही गई है। खुदरा विक्रेताओं को नई कीमतों के मुताबिक बिक्री व्यवस्था अपनाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
क्यों बढ़ी ब्रेड की कीमत….?
ब्रेड की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इसके उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की बढ़ती लागत बताई जा रही है। बेकर्स के मुताबिक, पिछले कुछ समय में मैदे और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बताया गया है कि मैदे की कीमत में करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। वहीं, चीनी की कीमत भी लगभग 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की बात सामने आई है। इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पादों की लागत बढ़ने से पैकेजिंग और परिवहन जैसे खर्च भी बढ़े हैं। इन बढ़ी हुई लागतों का सीधा असर बेकरी उत्पादों की कीमतों पर पड़ा है।
पहले भी बढ़े हैं स्लाइस ब्रेड के दाम….
ब्रेड की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब संगठित क्षेत्र के कई ब्रांड पहले ही अपने उत्पादों के दाम बढ़ा चुके हैं। कुछ जगहों पर स्लाइस ब्रेड की कीमत में करीब 4 रुपये प्रति पाउंड तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद कुछ ब्रेड की कीमत करीब 36 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति पाउंड तक पहुंच गई है। एसोसिएशन की ओर से खुदरा विक्रेताओं को नई कीमत पर ब्रेड बेचने के साथ वितरकों को 22 फीसदी तक की छूट देने की बात भी कही गई है।
आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर….
ब्रेड रोजाना इस्तेमाल होने वाला खाद्य उत्पाद है। ऐसे में कीमत में भले ही कुछ रुपये की बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन नियमित रूप से ब्रेड खरीदने वाले परिवारों के मासिक खर्च पर इसका असर पड़ सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो नाश्ते में नियमित तौर पर ब्रेड, मक्खन, जैम या अन्य ब्रेड आधारित खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं, उनके महीने के किराना बजट में अतिरिक्त खर्च जुड़ सकता है।
