दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल से पहले वैभव सूर्यवंशी ने गेंदबाजी और ईशान किशन को लेकर किया बड़ा खुलासा।

भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बना चुके युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन का हिस्सा हैं. 15 वर्षीय वैभव के लिए यह टूर्नामेंट खास है, क्योंकि फैंस यह देखना चाहते हैं कि वह रेड-बॉल क्रिकेट में किस तरह का प्रदर्शन करते हैं. दलीप ट्रॉफी के पहले मुकाबले में वैभव का बल्ला कुछ खास नहीं चला और वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि उनकी टीम ईस्ट जोन ने मुकाबला जीतकर शानदार शुरुआत की. अब ईस्ट जोन की टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका सामना सेंट्रल जोन से होगा.
सेमीफाइनल मुकाबला रविवार, 30 अगस्त से शुरू होना है. इससे पहले बीसीसीआई डोमेस्टिक ने वैभव सूर्यवंशी का इंटरव्यू शेयर किया, जिसमें युवा क्रिकेटर ने अपनी गेंदबाजी को लेकर एक दिलचस्प किस्सा सुनाया.
बल्ले से नहीं चला था वैभव का जादू
दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में वैभव सूर्यवंशी से बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद थी. लेकिन वह सिर्फ 8 रन ही बना सके. हालांकि बल्लेबाजी में योगदान नहीं दे पाने के बाद वैभव ने गेंदबाजी में अपनी टीम के लिए अहम भूमिका निभाई. उन्होंने मुकाबले में 2 विकेट हासिल किए. ईस्ट जोन ने इस मुकाबले में नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.
बीसीसीआई के इंटरव्यू में वैभव से जब गेंदबाजी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को भी गेंदबाजी करने में उतना ही मजा आता है, जितना गेंदबाजों को बल्लेबाजी करने में. वैभव के मुताबिक, अगर किसी बल्लेबाज से पूछा जाए तो उसे गेंदबाजी करना पसंद आएगा और इसी तरह गेंदबाज को बल्लेबाजी करने में मजा आता है. उनकी बातों से साफ था कि गेंदबाजी उनके लिए सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि क्रिकेट का एक ऐसा हिस्सा है जिसे वह पूरे उत्साह के साथ करना पसंद करते हैं.
ईशान किशन ने दिया था गेंदबाजी का मौका
वैभव ने इंटरव्यू में बताया कि क्वार्टर फाइनल के दौरान विकेट नहीं गिर रहे थे. ऐसे में उन्हें 2-3 ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया. उन्होंने बताया कि ईशान किशन को लगा था कि उन्हें गेंदबाजी देना थोड़ा रिस्क हो सकता है. लेकिन वैभव के मुताबिक ईशान को यह पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. युवा खिलाड़ी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके दिमाग में उस समय यही चल रहा था कि अगर वह पांच विकेट भी ले लें, तो शायद उन्हें सिर्फ तीन ओवर ही गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा. इसलिए उन्होंने सोचा कि जितनी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं, उतनी अच्छी गेंदबाजी करनी चाहिए.
गेंदबाजी में विकेट लेकर वैभव ने जताई खुशी
वैभव ने बताया कि बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. ऐसे में गेंदबाजी के जरिए टीम के लिए योगदान देना उन्हें काफी अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि बल्लेबाज जब किसी विकेट को हासिल करता है तो उसका जश्न और खुशी अलग ही होती है. वैभव ने भी गेंदबाजी के दौरान विकेट हासिल करने को काफी एन्जॉय किया.
यह युवा खिलाड़ी के ऑलराउंड क्रिकेटिंग कौशल की एक झलक भी है. हालांकि उनकी पहचान मुख्य रूप से आक्रामक बल्लेबाज के रूप में बनी है, लेकिन गेंद से योगदान देने की क्षमता भी टीम के लिए अतिरिक्त विकल्प प्रदान करती है.
अब सेमीफाइनल में बल्ले से होगी बड़ी उम्मीद
क्वार्टर फाइनल में गेंद से प्रभाव डालने के बाद अब फैंस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर हैं. ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से होगा. वैभव के लिए यह मैच खास तौर पर महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी को देखने के लिए क्रिकेट फैंस काफी उत्साहित हैं. पहले मैच में सिर्फ 8 रन बनाने के बाद वैभव निश्चित रूप से अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना चाहेंगे. अगर वह सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलते हैं तो यह उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रदर्शन हो सकता है.
ईस्ट जोन के सामने सेंट्रल जोन की चुनौती
ईस्ट जोन ने क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है. टीम के प्रदर्शन से उसके आत्मविश्वास का अंदाजा लगाया जा सकता है. अब उसके सामने सेंट्रल जोन की चुनौती है. सेमीफाइनल मुकाबला 30 अगस्त से शुरू होगा और दोनों टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए मैदान पर उतरेंगी. वहीं दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों सेमीफाइनल के विजेता 6 सितंबर से शुरू होने वाले फाइनल में आमने-सामने होंगे.
