
नई दिल्ली, 25 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना को 1,800 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया गया है।
आव्रजन और वीजा प्रक्रिया को करेगा आधुनिक
IVFRT प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से जुड़े कार्यों को आपस में जोड़कर उन्हें अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है।
कैबिनेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य वैध यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
2010 में शुरू हुई थी योजना
इस परियोजना को पहली बार 13 मई 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दी थी। उस समय इसके लिए 1,011 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था और इसे सितंबर 2014 तक लागू किया जाना था।
बाद में वर्ष 2015 में बजट को संशोधित कर 638.90 करोड़ रुपये कर दिया गया और इसकी समयसीमा को 31 मार्च 2017 तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ के इसे 31 मार्च 2021 तक जारी रखा गया।
इसके बाद 19 जनवरी 2022 को कैबिनेट ने इसे 1,365 करोड़ रुपये के बजट के साथ 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने की मंजूरी दी थी।
नई तकनीकों से होगा सिस्टम मजबूत
सरकार के अनुसार, IVFRT योजना के तहत मोबाइल आधारित सेवाएं, सेल्फ-सर्विस कियोस्क और सुरक्षित यात्री आवागमन जैसी उभरती तकनीकों को अपनाया जाएगा।
इसके अलावा:
- आव्रजन चौकियों और एफआरआरओ में बुनियादी ढांचे का विस्तार
- डेटा केंद्रों का आधुनिकीकरण
- एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास
- नेटवर्क और सेवा प्रणाली को मजबूत बनाना
जैसे कदम उठाए जाएंगे।
यात्रियों को मिलेगा तेज और आसान अनुभव
इस प्रणाली की मदद से वीजा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और संपर्क रहित बनाया गया है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और भुगतान की सुविधा से वीजा प्रक्रिया का समय काफी कम हुआ है।
पिछले पांच वर्षों में 91.24 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर मंजूरी मिल चुकी है।
इसके अलावा, आव्रजन चौकियों पर यात्रियों की औसत जांच का समय पहले के 5-6 मिनट से घटकर 2.5 से 3 मिनट रह गया है।
ऑटोमेटेड ई-गेट से और तेज होगी प्रक्रिया
देश के 13 प्रमुख हवाई अड्डों पर स्वचालित ई-गेट प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) के जरिए जांच प्रक्रिया का समय 2.5-3 मिनट से घटकर लगभग 30 सेकंड रह गया है।
वर्तमान में भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए इस कार्यक्रम का पंजीकरण निःशुल्क है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि IVFRT योजना से पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय यातायात, व्यापार और वाणिज्य में वृद्धि होगी, जो देश के आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी मजबूत करेगी।
