🎬 नॉर्थ या साउथ नहीं, सिर्फ कलाकार! करीना कपूर ने कहा कि एक्टर्स को इंडस्ट्री की सीमाओं में बांटना सही नहीं है। पृथ्वीराज सुकुमारन ने भी उनकी बात से सहमति जताई। दोनों जल्द फिल्म ‘दायरा’ में साथ नजर आएंगे। ✨

करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन जल्द ही मेघना गुलजार की फिल्म ‘दायरा’ में साथ नजर आएंगे. फिल्म को लेकर दोनों कलाकारों ने नॉर्थ और साउथ सिनेमा के बीच बढ़ती दूरियों पर खुलकर बात की और कहा कि कलाकारों को किसी एक इंडस्ट्री की सीमा में बांधना सही नहीं है.
भारतीय सिनेमा में पिछले कुछ सालों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब फिल्मी सितारे सिर्फ अपनी भाषा या क्षेत्र की इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रह गए हैं. बॉलीवुड के कलाकार साउथ की फिल्मों में नजर आ रहे हैं, वहीं साउथ सिनेमा के बड़े सितारे हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बना रहे हैं. इसी बदलते दौर पर अभिनेत्री करीना कपूर खान और अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन ने भी अपनी राय रखी है…..
‘दायरा’ में पहली बार साथ दिखेंगे करीना और पृथ्वीराज……
मेघना गुलजार की अपकमिंग फिल्म ‘दायरा’ में करीना कपूर खान और मलयालम सिनेमा के चर्चित अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन साथ दिखाई देंगे. दोनों की जोड़ी को लेकर फैंस के बीच भी काफी उत्सुकता है. फिल्म की रिलीज से पहले करीना, पृथ्वीराज और डायरेक्टर मेघना गुलजार ने ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ से बातचीत की. इस दौरान दोनों कलाकारों ने न सिर्फ एक-दूसरे के साथ काम करने का अनुभव साझा किया, बल्कि सिनेमा को नॉर्थ और साउथ के नाम पर बांटने को लेकर भी अपनी बात रखी.
करीना बोलीं- कलाकारों की कोई सीमा नहीं होती…..
करीना कपूर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मेघना गुलजार ने उन्हें और पृथ्वीराज को एक साथ इस प्रोजेक्ट के लिए चुना. करीना ने बताया कि वह पृथ्वीराज के काम से पहले से परिचित थीं और उनके बारे में काफी कुछ सुन चुकी थीं. करीना की बात सिर्फ अपने को-स्टार की तारीफ तक सीमित नहीं रही. उन्होंने कहा कि किसी कलाकार को इस आधार पर अलग करना ठीक नहीं है कि वह देश के किस हिस्से से आता है या किस भाषा की इंडस्ट्री में काम करता है. करीना के मुताबिक, कलाकारों के लिए नॉर्थ, साउथ, ईस्ट या वेस्ट जैसी सीमाएं नहीं होनी चाहिए. उनका मानना है कि आखिरकार कलाकार की पहचान उसके काम से होती है, न कि सिर्फ उसकी इंडस्ट्री से.
‘हम नॉर्थ या साउथ से नहीं, हम आर्टिस्ट हैं’……
करीना का यह बयान मौजूदा भारतीय सिनेमा की बदलती तस्वीर को काफी हद तक दिखाता है. आज दर्शक भी भाषा और इंडस्ट्री की सीमाओं से आगे बढ़कर कंटेंट और कलाकारों को पसंद कर रहे हैं. करीना ने इसी सोच को आगे रखते हुए कहा कि कलाकारों को किसी एक क्षेत्र या इंडस्ट्री के नाम से बांटना सही नहीं है. उनका मानना है कि एक कलाकार को सिर्फ ‘आर्टिस्ट’ के तौर पर देखा जाना चाहिए.
पृथ्वीराज ने भी करीना की बात से जताई सहमति…..
पृथ्वीराज सुकुमारन ने भी करीना की बात से सहमति जताई. उन्होंने बताया कि वह मलयालम सिनेमा से आते हैं, लेकिन अब उनका काम कई भाषाओं और इंडस्ट्री तक फैल चुका है. पृथ्वीराज ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग इंडस्ट्री के कलाकारों के साथ काम किया है. उनके लिए अब किसी कलाकार को सिर्फ एक इंडस्ट्री से जोड़कर देखना मुश्किल है. उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि वह मलयालम सिनेमा के साथ-साथ तेलुगु और हिंदी इंडस्ट्री के कलाकारों के साथ भी काम कर रहे हैं. यही नहीं, अलग-अलग भाषाओं और सिनेमा की सीमाएं अब पहले जैसी नहीं रह गई हैं.
करीना को ‘दायरा’ में देखना पृथ्वीराज के लिए था सरप्राइज……
पृथ्वीराज ने यह भी बताया कि जब उन्हें ‘दायरा’ की कहानी सुनाई गई थी, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि करीना कपूर भी फिल्म का हिस्सा होंगी. जब मेघना गुलजार ने उन्हें बताया कि वह करीना को फिल्म में अजूनी कोहली के किरदार में देखना चाहती हैं, तो यह उनके लिए काफी बड़ा सरप्राइज था. पृथ्वीराज ने करीना के काम की तारीफ करते हुए उन्हें बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक बताया.
बदल रहा है भारतीय सिनेमा का चेहरा……
करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की यह सोच ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय सिनेमा तेजी से बदल रहा है. अब फिल्मों की सफलता सिर्फ किसी एक भाषा या इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है. दर्शक हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ समेत अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों को पसंद कर रहे हैं. ऐसे में कलाकारों का भी एक इंडस्ट्री से दूसरी इंडस्ट्री में जाना आम होता जा रहा है. ‘दायरा’ में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी भी इसी बदलते सिनेमा की एक मिसाल है. फिल्म के जरिए एक बार फिर यह बात सामने आती है कि सिनेमा की असली पहचान उसकी भाषा नहीं, बल्कि उसकी कहानी और कलाकारों की प्रतिभा है।
