टोबी अल्बर्ट ने लगातार 6 गेंदों पर जड़े 6 छक्के! 37 गेंदों में 86 रन की तूफानी पारी से क्रिकेट जगत में मचा तहलका।

क्रिकेट में जब लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाने की बात होती है, तो सबसे पहले युवराज सिंह और हर्षल गिब्स जैसे दिग्गजों का नाम सामने आता है. अब इस खास उपलब्धि से एक और नाम जुड़ गया है. इंग्लैंड में खेले जा रहे Metro Bank One Day Cup में हैम्पशायर के बल्लेबाज टोबी अल्बर्ट ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया. अल्बर्ट ने लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाए. हालांकि उनकी उपलब्धि युवराज सिंह और हर्षल गिब्स से थोड़ी अलग है, क्योंकि उन्होंने ये छह छक्के दो अलग-अलग ओवरों में लगातार छह गेंदों पर लगाए.
उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत हैम्पशायर ने ससेक्स के खिलाफ 50 ओवर में 383 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
दो ओवर में लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के
टोबी अल्बर्ट की इस पारी का सबसे रोमांचक हिस्सा लगातार छह छक्के रहे.अल्बर्ट ने पहले नान्टेस ओस्टहुइजेन के ओवर की आखिरी दो गेंदों पर लगातार दो छक्के लगाए. इसके बाद अगले ओवर में उन्हें ओली किर्टले की गेंदबाजी का सामना करना पड़ा. इस ओवर की शुरुआती गेंद पर रन नहीं बना, लेकिन इसके बाद अल्बर्ट ने लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए.
इस तरह उनके बल्ले से लगातार छह गेंदों पर छह छक्के निकले.
यानी: 6️⃣ 6️⃣ | 6️⃣ 6️⃣ 6️⃣ 6️⃣
दो अलग-अलग ओवरों में आया यह छक्कों का सिलसिला क्रिकेट फैंस के लिए यादगार बन गया.
21 रन पर मिला था जीवनदान, फिर मचाया तूफान
टोबी अल्बर्ट जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उन्हें 21 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. जीवनदान मिलने के बाद अल्बर्ट ने गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोला और देखते ही देखते अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया. उन्होंने महज 37 गेंदों में 86 रन की तूफानी पारी खेली. उनकी पारी में 8 छक्के और 5 चौके शामिल रहे. यानी अल्बर्ट ने अपनी 86 रन की पारी में 68 रन सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए.
37 गेंदों में 86 रन की विस्फोटक पारी
टोबी अल्बर्ट की बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 86 रन के लिए सिर्फ 37 गेंदों का सामना किया.उनका स्ट्राइक रेट 232 से ज्यादा रहा. एक समय ऐसा लग रहा था कि अल्बर्ट बड़ी सेंचुरी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन उनकी पारी 86 रन पर समाप्त हो गई. इसके बावजूद उन्होंने अपनी टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
अकेले अल्बर्ट ने नहीं, ओपनर्स ने भी मचाया धमाल
हैम्पशायर की पारी की शुरुआत भी शानदार रही. टीम के दोनों ओपनर्स ने शतक जड़कर पारी को मजबूत आधार दिया. अली ओर ने 105 रन बनाए, जबकि बेन मैक ने 109 रन की शानदार पारी खेली. इसके बाद टोबी अल्बर्ट ने तेजी से रन बनाकर स्कोर को और ऊंचाई तक पहुंचाया. हैम्पशायर ने निर्धारित 50 ओवर में 383/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस पारी में टॉप ऑर्डर से लेकर निचले क्रम तक बल्लेबाजों ने ससेक्स के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा.
ससेक्स ने भी दिया जवाब
383 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी ससेक्स की टीम ने भी अच्छी बल्लेबाजी की कोशिश की. टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 332 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम 50 ओवर पूरे होने से पहले ही ऑलआउट हो गई. इस तरह हैम्पशायर ने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की. हैम्पशायर की जीत में जहां उसके ओपनर्स के शतकों ने मजबूत नींव रखी, वहीं टोबी अल्बर्ट की 37 गेंदों में 86 रन की पारी ने स्कोर को विशाल बनाने में अहम भूमिका निभाई.
क्रिकेट में 6 गेंदों पर 6 छक्कों का इतिहास
लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाना क्रिकेट की सबसे दुर्लभ उपलब्धियों में से एक है. इसका सबसे चर्चित उदाहरण हर्शल गिब्स का है.2007 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स ने नीदरलैंड्स के खिलाफ एक ही ओवर में छह छक्के लगाए थे. वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने.इसके बाद भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया.
युवराज ने उस ओवर की छह गेंदों पर लगातार छक्के लगाए थे. अब टोबी अल्बर्ट का नाम भी इस खास क्लब में चर्चा में आ गया है, हालांकि उनका तरीका अलग रहा.
टोबी अल्बर्ट का रिकॉर्ड क्यों खास है?
टोबी अल्बर्ट ने छह छक्के एक ही ओवर में नहीं, बल्कि लगातार छह गेंदों पर लगाए. पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो छक्के और फिर अगले ओवर की लगातार चार गेंदों पर चार छक्के. इसलिए उनकी उपलब्धि को एक ओवर में छह छक्के लगाने के रिकॉर्ड से अलग समझना जरूरी है. फिर भी लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाना अपने आप में बेहद मुश्किल उपलब्धि है. एक बल्लेबाज के लिए लगातार छह गेंदों पर गेंद को बाउंड्री के बाहर पहुंचाना न सिर्फ टाइमिंग बल्कि मानसिक दबाव और गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी का भी उदाहरण है.
जीवनदान के बाद बदला मैच का रुख
टोबी अल्बर्ट की पारी का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि उन्हें 21 रन के स्कोर पर जीवनदान मिला था. क्रिकेट में कई बार एक कैच मैच का रुख बदल देता है. ससेक्स के खिलाफ भी ऐसा ही देखने को मिला. जीवनदान मिलने के बाद अल्बर्ट ने गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया और तेजी से रन बटोरे. उन्होंने कुछ ही गेंदों में अपनी पारी को आक्रामक अंदाज में आगे बढ़ाया और अंततः 86 रन बनाकर पवेलियन लौटे.
क्रिकेट फैंस को याद आया युवराज का 2007 वाला कारनामा
टोबी अल्बर्ट के लगातार छह छक्कों के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस को युवराज सिंह की ऐतिहासिक पारी याद आ गई. 2007 टी20 वर्ल्ड कप में युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के लगाए थे. उस पारी के दौरान युवराज ने महज 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था, जो उस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक था. वहीं हर्शल गिब्स का 2007 में नीदरलैंड्स के खिलाफ वनडे में एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा भी क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों में शामिल है. टोबी अल्बर्ट की पारी ने एक बार फिर इस खास उपलब्धि को क्रिकेट की चर्चा में ला दिया है.
